महासमुन्द

भुईंया ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में अपलोड ऑनलाइन डाटा डिलीट
29-Sep-2021 5:46 PM
 भुईंया ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में अपलोड ऑनलाइन डाटा डिलीट

समय-सीमा 15 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग कर रहे पटवारी 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 29 सितम्बर।
जिले के 1195679 खसरा नंबरों में ली गई धान की फसल का डाटा भुईयां ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में 30 सितंबर तक पूरी तरह से अपलोड नहीं हो पाएगा। यही कारण है कि पटवारी ऑनलाइन एंट्री के लिए समय-सीमा 15 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसका कारण भुईंया में पूर्व में अपलोड हो चुके ऑनलाइन डाटा का डिलीट हो जाना बताया जा रहा है। 

पटवारियों की मानें तो गिरदावरी रिपोर्ट की ऑनलाइन एंट्री 1 अगस्त से शुरू हुई थी। पटवारियों ने 8 सितंबर तक जितनी भी एंट्री की है, वो डाटा उड़ गया है।
यही कारण है कि पटवारियों को इनकी एंट्री फिर से करनी पड़ रही है। हालांकि सॉफ्टवेयर में परिवर्तित का ऑप्शन दिया है, लेकिन हर खसरा नंबर में जाकर उसे अपडेट करना पड़ रहा है। 

पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष श्रीराम कुमार दीवान कहते हैं कि प्रदेश स्तर से सॉफ्टवेयर को शुरू तो कर दिया है, लेकिन सर्वर बहुत धीमा है। इसके चलते ऑनलाइन का काम धीमी गति से चल रहा है। फसलों की एंट्री दो दिन में पूरा करना असंभव है, इसलिए प्रदेश स्तर से 15 दिन का समय मांगा गया है। यह प्रदेश का मामला है, एक साथ एंट्री होने के बाद ही समितियों में दावा आपत्ति के लिए सूची प्रकाशित की जाएगी। 15 दिन में डाटा अपलोड करने का काम पूरा होगा।

मालूम हो कि धान खरीदी के पूर्व फसलों की गिरदावरी रिपोर्ट तैयार करने के लिए विभाग ने 30 सितंबर तक का समय निर्धारित किया था। भुईंया सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खराबी के कारण समय रहते काम पूरा नहीं हो पाया। 

पटवारी किसी तरह से ऑनलाइन एंट्री कर रहे थे, लेकिन डाटा उड़ जाने से एक बार फिर से नए सिरे से आनॅलाइन एंट्री करनी पड़ रही है। 
जिले में 7 सितंबर के पूर्व तक 90 प्रतिशत गिरदावरी का काम ऑफलाइन व ऑनलाइन का काम पूरा हो गया था। 8 सितंबर को भुईंया ऑनलाइन सॉफ्टवेयर को मेंटेनेंस के बाद बंद कर दिया गया और कहा गया था कि 11 सितंबर को चालू हो जाएगा, लेकिन चालू नहीं हुआ। उसके दो दिन बाद शुरू तो हुआ लेकिन फसलों की एंट्री नहीं हो रही थी। वहीं पुराने फसलों की एंट्री को चैक किया तो, वो भी उड़ गया था। 
 


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