ताजा खबर
रायपुर टॉप 10 कोरोना संक्रमित शहरों में
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 अप्रैल। छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन नए आ रहे मरीजों की तुलना में सिर्फ 13.6 फीसदी स्वस्थ हो रहे हैं। रायपुर देश के 10 सबसे ज्यादा संक्रमित शहरों में है। यह आंकलन केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का है, और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि वर्तमान में 1 लाख 30 हजार एक्टिव केस हैं, जो कि 2 लाख तक पहुंच सकते हैं। नए प्रकरणों के चलते श्री सिंहदेव ने आईसीसीयू बेड की संख्या 1 हजार करने के लिए अपेक्षित सहयोग मांगा है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को प्रेजिटेंशन में बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दिखाई गई प्रेजेंटेशन में प्रतिदिन आ रहे नये प्रकरणों की तुलना में स्वस्थ हो रहे मरीजों का अनुपात कम है, जिसमें छत्तीसगढ़ की औसत दर 13.6 फीसदी देखी गई है। इसके साथ ही जिलेवार समीक्षा में रायपुर की स्थिति शीर्ष 10 शहरों में देखी जा रही है। बैठक में 4 प्रमुख विषय ऑक्सीजन सप्लाई, रेमडेसीविर और वैक्सीनेशन की उपलब्धता पर जोर दिया।
ऑक्सीजन पर 15 तारीख को केंद्र द्वारा राज्यों को किन-किन प्लांटों से ऑक्सीजन मिलेगी, यह बताया गया है। गृह सचिव ने एक आदेश जारी कर बताया कि ऑक्सीजन ले जा रहे सिलेंडर वाहन की राज्यों के बीच में अबाध्य मूवमेंट रहेगी जिसमें 30 अप्रैल तक ऑक्सीजन सिलेंडर भेजने की बात कही गई है। विगत वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी 1 लाख ऑक्सीजन सिलेंडर उपार्जन केंद्र द्वारा किया जाना है, जिसके लिए 162 में से 32 ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिए गए हैं।
वैक्सीनेशन पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वर्तमान समय में उत्पादन को देखते हुए हमें स्थिति में नहीं है कि राज्यों को ज्यादा दिनों के लिए वैक्सीन उपलब्ध करवा सकें इसीलिए टीकाकरण के अनुपात के हिसाब से राज्यों को वैक्सीन प्रदान की जा रही है। और रेमडेसीविर की सप्लाई पर केंद्रीय मंत्रालय द्वारा बताया गया कि वर्तमान में 7 कंपनियां ऐसी हैं जो यह दवा बनाने के लिए लाइसेंस प्राप्त है, यह 7 कंपनियां 29 लाख इंजेक्शन बनाने की क्षमता रखती हैं लेकिन पिछले समय में कोरोना संक्रमण के मामलों में आई गिरावट को देखकर यह क्षमता घटा दी गई थी लेकिन अब अगले सप्ताह से इसे फिर से 29 लाख कर दिया जाएगा।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान स्थिति चिंताजनक है, जिसमें यदि कल 16 अप्रैल को राज्य की औसत पॉजिटिविटी दर देखें तो लगभग 30फीसदी है, राज्य के 28 में से 13 जिलों में 20फीसदी से कम है, 20फीसदी से 40फीसदी पॉजिटिविटी दर सात जिलों में है, और 40 फीसदी से ऊपर 8 जिलों में है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में एक्टिव केस 1 लाख 24 हजार हो चुके हैं, अभी छत्तीसगढ़ में 1 लाख 30 हजार का अनुमान बताया गया है, यह 2 लाख के आसपास या 1.5 लाख तो पार करने के आसार दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 90 फीसदी के आसपास होम आइसोलेशन है, हम 80फीसदी को टारगेट लेकर चल रहे हैं, कि 80 फीसदी होम आइसोलेशन होगा तो 20 फीसदी आबादी के लिए प्रबंधन करना होगा, अर्थात 2 लाख की स्थिति आती है तो 40 हजार कुल बिस्तर जिसमें ऑक्सिजनेटेड बेड भी होंगे। इसके साथ ही आईसीयू बिस्तरों की स्थिति चिंताजनक है।
स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने आगे बताया कि वैक्सीनेशन में अभी तक तुलनात्मक बड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ का परफॉर्मेंस ठीक रहा है, कल ही हिमांचल ने हमें ओवरटेक किया तो 14.6 के आसपास छत्तीसगढ़ की आबादी की वैक्सीनेशन प्रतिशतता है, 20 फीसदी टारगेटेड आबादी को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य राज्य ने रखा है। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि जिन राज्यों का वैक्सीनेशन प्रतिशत आबादी का 16फीसदी-17 फीसदी से ऊपर पहुंच जा रहा है, उसमें 45 साल से नीचे का भी रिलैक्सेशन का प्रावधान देना चाहिए। उन्होंने मौजूदा उपलब्ध वैक्सीन का उल्लेख करते हुए बताया कि कोविशिल्ड की 4 लाख कल वैक्सीन आई और दो लाख कोवैक्सीन की भी आयीं हैं। इनका उपयोग हम लोग समुचित कर लेंगे लेकिन जमा आबादी प्रतिशतता को जो राज्य अर्जित कर रहे हैं उन्हें अगली कड़ी के आबादी की वैक्सीनेशन के तरफ बढ़ाने की अनुमति प्रदान करनी चाहिए क्योंकि दबाव बहुत ज्यादा है।
श्री सिंहदेव ने कहा कि हम आभारी हैं कि आपने हमारे ऑक्सीजन जंबो सिलेंडर और छोटे सिलेंडर को संज्ञान में लेकर उपलब्ध कराने का निर्णय ले लिया है। आईसीयू बिस्तरों की कमी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2 सौ प्रीफैबरीकेटेड यूनिट से 1 हजार प्रीफैबरीकेटेड यूनिट केंद्र सरकार उपलब्ध करवाने पर विचार करे। जिससे कम से कम समय में आईसीयू के बिस्तरों का हम निर्माण कर सकें। इसके साथ ही जीएसटी के रिलैक्सेशन की बात पर टी एस सिंहदेव जी ने कहा कि हो सकता है यह जीएसटी काउंसिल का मुद्दा हो लेकिन इसमें भी पहल करने का आवश्यकता है।
जीएसटी काउंसिल की बैठक 6 महीने से ऊपर हो गया है अभी तक नहीं हो पाई है। इसके साथ ही अलग-अलग वस्तुओं के दाम को यदि कम किया जा सकता है तो उनको कम करने की जरूरत है, रेमडेसीविर का देते हुए उन्होंने बताया कि हम देखते हैं तो 899 से लेकर 5 हजार से ऊपर के दाम है तो ऐसी वेरिएशन के दाम को हम लोग समझ भी नहीं पाते और क्या इसमें कैपिंग हो सकती है।
सिंहदेव ने कहा कि वेंटिलेटर के साथ बाईपाइप यूनिट, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 10 लीटर या उससे ऊपर की कैपेसिटी के संबंध में, 4 स्वीकृत ऑक्सीजन जनरेटिंग प्लांट में से 1 बनकर तैयार हो गया है लेकिन क्या और 10 ऑक्सीजन जनरेटिंग प्लांट के विषय पर मांग रखी। 4 लेवल के लैब की स्थापना रायपुर मेडिकल कॉलेज में पर भी उन्होंने अपनी बात कही, इसके साथ ही रेमडेसीविर की इंटरस्टेट अनुमति के लिए प्रतिबंध न लगाने का उल्लेख लिया। रेमडेसीविर के जो भी आर्डर हैं यह भी कहीं रुकें नहीं इस पर ग्रह, स्वास्थ्य या फार्मासूटिकल जिस भी मंत्रालय के अंतर्गत आदेश जारी करने की बात कही।


