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45 वर्ष से अधिक सभी को टीके लगाने के बाद उमड़ रही भीड़, निजी सेंटरों में आपूर्ति बंद
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर 6 अप्रैल। लोगों को कोरोना वैक्सीन लगवाने की जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अपील का इतना असर हुआ कि शनिवार को रिकॉर्ड 28 हजार 866 लोगों ने टीके लगवाये। रविवार को सिर्फ 16 हजार डोज बच गये थे जो शाम होने से पहले ही खत्म हो गये। सोमवार को दोपहर बाद 15 हजार टीके रायपुर से पहुंचे लेकिन शाम होते तक उनमें से सिर्फ 2200 टीके बच पाये।
अधिकांश निजी अस्पतालों में सोमवार को वैक्सीन लगाने का काम रोक दिया गया। इनमें सिर्फ कोविशील्ड लगाये जा रहे था। दो दिन से ऑनलाइन पंजीयन कराने वाले जब पहुंचे तो उन्हें बताया जा रहा है कि वैक्सीन आने के बाद उन्हें टीका लगाया जायेगा। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल निजी अस्पतालों को वैक्सीन देने पर रोक लगा दी है। अगली खेप की आपूर्ति कब होगी, इस पर कोई सूचना जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को फिलहाल नहीं है। मंगलवार की सुबह विभिन्न सरकारी अस्पतालों में बचे 2200 टीके भी खत्म हो गये।
कोविशील्ड वैक्सीन के बिलासपुर जिले में अब तक 1 लाख 97 हजार 700 डोज भेजे जा चुके हैं। 1 अप्रैल से जैसे ही 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू किया गया है, अस्पतालों में भीड़ लग रही है। सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर्स के बारे में स्वास्थ्य विभाग ने बार-बार सूचना निकाली। विधायक, महापौर अन्य जन प्रतिनिधियों ने लोगों ने कोरोना वैक्सीन लगाने के लिये बयान और वीडियो जारी कर अपील की। इसके चलते वैक्सीनेशन सेंटर्स में लोगों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
कई निजी अस्पतालों ने भी सीधे पंजीयन कराने पहुंचे लोगों को अगले दिन का समय दिया पर अगले दिन जब वे पहुंचे तो वैक्सीन खत्म हो चुकी थी। जिले में प्रतिदिन 18 हजार टीके लगाने का लक्ष्य दिया गया है लेकिन 9वीं बार सोमवार को जब टीकों का स्टाक भेजा गया तो वह एक दिन के लिये भी पर्याप्त नहीं था। वैक्सीन के अभाव में लोग अस्पतालों में घंटों भटक रहे हैं और निराश होकर लौट रहे हैं।
दरअसल, अपील के समय यह ध्यान नहीं रखा गया कि वैक्सीनेशन सेंटर्स में एक साथ भीड़ पहुंच सकती है। 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का वैक्सीनेशन अभी शुरू ही हुआ है। अगले आदेश तक टीकाकरण का काम चलता रहेगा। एक साथ भीड़ पहुंचने की वजह से एक ओर पंजीयन करने वाले कर्मचारी परेशान हुए तो टीका लगाने वाले नर्सिंग स्टाफ पर भी जरूरत से ज्यादा लोड बढ़ा। लोगों को भी घंटों अपनी बारी के लिये इंतजार करना पड़ा और आखिर वैक्सीन खत्म हो गई। मंगलवार से वैक्सीन लगाने का काम रायपुर से अगली खेप पहुंचने बाद फिर शुरू होने की संभावना है।


