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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर/रायपुर, 4 अप्रैल। बीजापुर में शनिवार को नक्सल हमले में 22 जवान शहीद हो गए। सर्चिंग से वापसी के दौरान अत्याधुनिक हथियारों से लैस नक्सलियों ने जवानों की एक टुकड़ी पर तीन तरफ घेरकर हमला किया, जवाबी कार्रवाई में बड़ी संख्या में नक्सली भी मारे गए हैं। जिन्हें नक्सली तीन टे्रक्टर में भरकर ले जाने में सफल रहे।
घटना स्थल से शहीद जवानों को लाने की कोशिश चल रही है। रेस्क्यू टीम वहां पहुंची है। इसी बीच सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह रविवार को यहां पहुंचे, और उन्होंने घटना की विस्तार से जानकारी दी। शहीद जवान में डीआरजी, कोबरा बटालियन, और सीआरपीएफ के हैं। शहीद जवानों में कई बीजापुर के थे। इस पूरी घटना में 31 जवान घायल हुए हैं। जिनमें से 16 सीआरपीएफ के हैं। घायलों में से सात का इलाज रायपुर में चल रहा है, जिन्हें देखने सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह गए थे।
घटना बीजापुर से करीब 75 किमी दूर तर्रेंम थाना क्षेत्र सिलगेर गांव के पास के जंगल में नक्सल कमांडर हिड़मा की मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। इस आधार पर शुक्रवार को डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड), सीआरपीएफ, एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) व कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम रवाना की गई थी। कुल मिलाकर दो हजार से अधिक जवानों ने शनिवार को सर्चिंग ऑपरेशन किया। वापसी में जोन्नागुड़ा के जंगल में फोर्स की एक टुकड़ी को नक्सलियों ने एंबुश लगाया, और गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने भी थोड़ा संभलकर जवाबी फायरिंग की।
बताया गया कि कुछ दूरी पर एम्बुश लगाकर नक्सलियों ने तीन तरफ से अत्याधुनिक हथियारों से फायरिंग शुरू की, इसमें 22 जवान शहीद हो गए। जवाबी कार्रवाई में बड़ी संख्या में नक्सली भी मारे गए हैं। जिन्हें तीन ट्रैक्टर में भरकर ले गए। शहीद जवानों को लाने के लिए रेस्क्यू टीम गई हुई है। पुलिस अफसरों के मुताबिक सर्चिंग ऑपरेशन अभी भी चल रहा है।
बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने बताया कि मौके पर 180 नक्सलियों के अलावा कोंटा एरिया कमेटी, पामेड़ एरिया कमेटी, जगरगुंडा एरिया कमेटी और बासागुड़ा एरिया कमेटी के लगभग 250 नक्सली भी थे।
सर्वाधिक तिरंगे-ताबूत बीजापुर के ही
शहीद जवानों में एसआई दीपक भारद्वाज, मालखरौदा जांजगीर, रमेश कुमार जुर्री मेवाती पंडरीपानी चारामा, नारायण सोढ़ी थाना आमापल्ली, बीजापुर, रमेश कोरसा ग्राम-बरदेला जांगला बीजापुर, सुभाष नायक ग्राम-बारसेगुड़ा बीजापुर, किशोर एंड्रिक ग्राम-चेरपाल बीजापुर, सनकुराम सोढ़ी थाना मीरतुर बीजापुर, भोसाराम कटरानी ग्राम-एकली थाना नेलसार की पुष्टि हुई है।
घायल जवानों में रामाराम पोयाम एसटीएफ, अमित कुमार कोबरा बटालियन, सुनील कुमार, संमेस, लक्ष्मन हेमला डीआरजी, भास्कर यादव एसटीएफ, मनीराम कुंजाम डीआरजी, सोमारो कर्मा डीआरजी, विजय मंडावी डीआरजी, बदरू पुनेम डीआरजी, आनंद पटेल कोबरा, आनंद कुरूसुम डीआरजी, प्रकाश सेट्टी डीआरजी, मदन पाल कोबरा , सूर्यभान सिंह कोबरा, थामेश्वर साहू एसटीएफ है जिनका बीजापुर में इलाज चल रहा है।
बताया गया कि शहीद होने वाले जवानों में ज्यादातर बीजापुर जिले के रहवासी हैं। ये सभी जवान डीआरजी, कोबरा बटालियन के हैं। घायलों में 17 जवान सीआरपीएफ के हैं। सात घायल जवानों को यहां रायपुर लाया गया था, जहां उनका उपचार चल रहा है। इन सभी की स्थिति बेहतर बताई जा रही है। घायलों का हाल जानने सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह अस्पताल गए, उन्होंने घायलों से चर्चा की।
4-5 सौ नक्सली होने के दावे पर एक रिपोर्टर का शक
बस्तर में लंबे समय तक रिपोर्टिंग करने वाले एक पत्रकार आशुतोष भारद्वाज का कहना है कि नक्सलियों के 4-5 सौ की संख्या में होने के सरकारी दावे पर आसानी से भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने ट्वीटर पर लिखा है कि जिस जगह यह हमला हुआ है वहां पर नक्सलियों की इतनी बड़ी संख्या नहीं जुट सकती। उनका कहना है कि पहले के भी कई हमलों में बड़ी कम संख्या में रहे नक्सलियों ने बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों को मारा है।


