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-मनोज शर्मा
लखीमपुर खीरी. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पुलिस ने चर्चित वीरपाल हत्याकांड का खुलासा कर दिया है. पुलिस के अनुसार महज 500 रुपये के लेनदेन के विवाद में दोस्त ने ही वीरपाल की हत्या कर दी थी. मामला लखीमपुर खीरी की सदर कोतवाली का है. यहां 16 फरवरी को सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लोहारीनगर में संदिग्ध हालत में युवक वीरपाल का शव मिला था.
पता चला कि मृतक वीरपाल 12 फरवरी से लापता था, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट सदर कोतवाली पुलिस में लिखी गई थी. शव मिलने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया. लेकिन शव की हालत बेहद खराब हो गई थी. जंगली जानवरों ने शव को जगह-जगह से नोच दिया था, जिसके चलते मौत कारण पोस्टमॉर्टम में कुछ साफ न हो पाए.
सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन ने दिया सुराग
इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर छानबीन की और वीरपाल के दोस्त कमलेश कुमार, राम दर्शन और अंकित वर्मा को हिरासत में लिया. इनसे कड़ी पूछताछ करने पर तीनों अभियुक्तों ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि 10 फरवरी को मृतक व अभियुक्त कमलेश के बीच शराब के नशे में जुआ खेलते समय मात्र 500 रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था.
हत्या कर शव झाड़ियों में छुपाया
विवाद के दौरान कमलेश ने मृतक वीरपाल के सर पर लोहे के राड से वार किया. जिसके बाद उसकी मौत हो गई. हत्या के बाद मुख्य अभियुक्त ने साथी राम दर्शन और अंकित वर्मा के साथ मिलकर शव को झाड़ियों में छुपा दिया.
एसपी ने क्राइम ब्रांच टीम को दिया नकद पुरस्कार
पुलिस अधीक्षक विजय ढुल ने बताया पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट ना होने के चलते वीरपाल की मौत उनके लिए चुनौती बन गई थी. क्राइम ब्रांच की टीम की सुझ-बूझ के चलते हम लोगों ने इस ब्लाइंड हत्याकांड का खुलासा किया है. क्राइम ब्रांच की टीम को एसपी खीरी विजय ढुल ने 15000 हजार का नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की.


