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एक नए महत्वपूर्ण शोध से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान पेरासिटामोल लेना सुरक्षित है और इससे बच्चों में ऑटिज़्म, एडीएचडी या विकास से जुड़ी समस्याओं का ख़तरा बढ़ने का कोई सबूत नहीं है.
विशेषज्ञों का कहना है कि इन निष्कर्षों से गर्भवती महिलाओं को "आश्वस्त महसूस करना चाहिए".
यह शोध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले साल किए गए विवादित दावों के उलट है, जिनमें उन्होंने कहा था कि पेरासिटामोल "ठीक नहीं है" और गर्भवती महिलाओं को इसे न लेने के लिए "पूरी ताक़त से लड़ना चाहिए."
उस समय उनके बयानों की दुनियाभर के मेडिकल संगठनों ने आलोचना की थी.
विशेषज्ञों का कहना है कि लैंसेट जर्नल में प्रकाशित यह ताज़ा शोध काफ़ी सख़्त वैज्ञानिक मानकों पर आधारित है और इससे इसकी सुरक्षा को लेकर बहस ख़त्म हो जानी चाहिए.
हालांकि, अमेरिका के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि "कई विशेषज्ञों" ने गर्भावस्था के दौरान इसके इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके प्रशासन के दावे पर उस वक्त दुनियाभर के कई डॉक्टर हैरान थे.
ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि पेरासिटामोल या टाइलेनॉल नाम का इसका ब्रांडेड रूप, जिसे गर्भवती महिलाओं के लिए आम तौर पर सबसे भरोसेमंद दर्द निवारक माना जाता है, गर्भावस्था में लेने पर बच्चों में ऑटिज़्म से जुड़ा हो सकता है. (bbc.com/hindi)


