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जन घोषणापत्र का एक भी वादा पूरा नहीं करने का आरोप, भाजपा सदस्यों का वॉकआउट
09-Mar-2021 2:29 PM
जन घोषणापत्र का एक भी वादा पूरा नहीं करने  का आरोप, भाजपा सदस्यों का वॉकआउट

14 घोषणाएं पूरी हो चुकी, केन्द्र अड़ंगा डाल रहा-सीएम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 9 मार्च।
विधानसभा में घोषणा पत्र के वादे को लेकर मंगलवार को जमकर बहस हुई। विपक्षी भाजपा सदस्यों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया, और कहा कि सरकार एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने वॉकआउट कर दिया। 

प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने यह मामला उठाया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 36 लक्ष्य को निर्धारित करते हुए घोषणा पत्र जारी किया गया था। राज्यपाल के अभिभाषण में जनघोषणा पत्र को सरकार द्वारा आत्मसात किए जाने का उल्लेख है। 

श्री बघेल ने यह भी बताया कि कुल घोषणाओं में 14 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं, और 22 घोषणाएं अपूर्ण हैं। उन्होंने कर्ज माफी, बिजली बिल हॉफ, जल कर माफ जैसी घोषणाओं के पूरा होने का जिक्र किया।  मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि घोषणा पत्र के वादे के अनुरूप 25 लाख हेक्टेयर जमीन आदिवासी को दी गई है। बिजली बिल हॉफ योजना से 38 लाख परिवारों को सीधा फायदा हुआ है। 

नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि सरकार ने मंडी टैक्स माफी का वादा किया था, लेकिन मंडी टैक्स में बढ़ोत्तरी कर दी गई। इसी तरह 25 सौ रूपए क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था, जिसकी किस्त अभी तक किसानों को नहीं मिल पाई है। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल और नेता प्रतिपक्ष के बीच नोंक-झोंक भी हुई। कांग्रेस सदस्यों ने कौशिक की टिप्पणी पर आपत्ति की, कांग्रेस सदस्य अमितेश शुक्ल ने कहा कि भाजपा ने हर आदिवासी परिवार को गाय देने का वादा किया था। कहां है गाय?

कांग्रेस सदस्य मोहन मरकाम और अन्य सदस्यों ने भी भाजपा के संकल्प पत्र को पढक़र सुनाया, और 15 साल में पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि अभिभाषण में जन घोषणा पत्र आ गया है, तो वह सरकारी दस्तावेज हो गया है। उन्होंने पूछा कि सभी किसानों का कर्जा माफ करने का वादा किया गया था, क्या उसे पूरा किया गया है? भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा ने भी सवाल किए। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि आप लोगों ने कितने वादे पूरे किए? दो करोड़ रोजगार मिला। क्या हर परिवार को नौकरी दी गई? श्री चंद्राकर ने कहा कि आपको लोकसभा में सवाल पूछने चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार 18 हजार करोड़ रूपए लेना है? इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट  विपक्षी सदस्यों ने वॉकआउट कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार लगातार अड़ंगा डाल रही है। 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने की स्वीकृति दी गई है, लेकिन नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि नया और पुराना बारदाने के नाम पर अड़चन पैदा करने की कोशिश हो रही है। श्री बघेल ने कहा कि हमने किसानों से वादा किया था राजीव गांधी न्याय योजना के तहत राशि दी जाएगी। हम 21 मार्च से पहले न्याय योजना की अंतिम किस्त की राशि जमा करने जा रहे हैं।


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