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बठेना पर विपक्ष का कामरोको प्रस्ताव
08-Mar-2021 4:31 PM
बठेना पर विपक्ष का कामरोको प्रस्ताव

अध्यक्ष की व्यवस्था खफा, कार्रवाई का बहिष्कार 

- डॉ. महंत ने नियम-परम्पराओं का पालन करने दी नसीहत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 मार्च।
बठेना में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले पर विधानसभा में विपक्षी भाजपा सदस्यों ने शून्यकाल के दौरान कामरोको प्रस्ताव लाकर तुरंत चर्चा कराने की मांग की। चर्चा के दौरान  विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने नियम-परम्पराओं का पालन करने की नसीहत दी। अध्यक्ष की व्यवस्था से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिष्कार कर दिया। 

शून्यकाल में भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने दुर्ग के बठेना गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यह घटना मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में हुई है, और इससे पहले ही वहां के खुड़मुड़ा गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या हुई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह हत्या का मामला है, और सरकार इसको आत्महत्या बता रही है। विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई आगे बढ़ाई, तो बृजमोहन ने नाराजगी जाहिर की, और कहा कि हाउस ऑफ कॉमंस भी परंपराओं से चलता है। भाजपा विधायक यदि स्थगन की सूचना पर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो पहले उन्हें मौका दिया जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि स्थगन की सूचना दी है। स्थगन की सूचना में नाम है। सदस्य यदि किसी विषय पर कुछ कहना चाहते हैं तो उन्हें बोलने का मौका दिया जाएगा।

इस पर विधानसभा डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि आसंदी में आप मुझसे पहले से विराजमान रहे हैं। 1980 से मैं इस क्लासरूम में बैठता हूं। पांच बार विधानसभा और और बार संसद का चुनाव लड़ा है। आठ बार सदन का सदस्य रहा हूं। मुझे नियमों की भी जानकारी है और परम्पराओं की भी। परंपरा और नियम भी जानता हूं। मैं भी चिल्लाकर बात कर सकता हूं, लेकिन मैं धीरे कहता हूं।

इस पर पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आपको नाराज होकर बात करने का अधिकार नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गरिमा का प्रश्न है, नियम का प्रश्न है। परंपरा का प्रश्न है। सबका पालन होगा। भाजपा विधायक सदन की कार्यवाही छोडक़र बाहर निकल गए। आसंदी के व्यवथा से नाराज होकर विपक्ष में सदन का बहिष्कार किया। इससे पहले भी अलग-अलग मामले उठाकर भाजपा सदस्य अनुदान मांगों पर चर्चा में हिस्सा नहीं ले रहे हैं, और बहिष्कार कर रहे हैं। 

 


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