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- शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं-बच्चों पर फोकस
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 फरवरी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को वित्त विभाग के मुखिया के नाते सोमवार को विधानसभा में राज्य का सालाना बजट पेश करेंगे। बजट के करीब एक लाख करोड़ के आसपास रहने का अनुमान है। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिलाओं-बच्चों पर विशेष फोकस रहेगा।
श्री बघेल अपनी सरकार का तीसरा बजट पेश करेंगे। कोरोना की वजह से केन्द्र और राज्य की वित्तीय स्थिति लडख़ड़ाई है। आमदनी कम हुई है। केन्द्र सरकार से जीएसटी प्रतिपूर्ति और कई अन्य मदों की राशि नहीं मिल पाई है। इसका सीधा असर बजट पर देखने को मिल सकता है।
बजट भी एक लाख करोड़ के आसपास ही रह सकता है। नए कर की संभावना नहीं है। स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार अभियान चला रही है। नए अंग्रेजी स्कूल खोले जा रहे हैं। नए बजट में करीब दो दर्जन से अधिक नए अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले जाने के लिए प्रावधान किया जा सकता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार कई कदम उठा सकती है।
आयुष्मान भारत योजना के लिए प्रावधान किए जा सकते हैं। नए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में अधोसंरचना विकास के लिए राशि का प्रावधान किया जा सकता है। इससे परे दुर्ग के चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज को अधिग्रहण करने की घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की थी, और इसके लिए करीब सवा सौ करोड़ का बजट प्रावधान भी किए जा सकते हैं।
निराश्रित पेंशन की राशि बढ़ाने के साथ-साथ कुपोषण मुक्ति के लिए उपाय भी किए जा सकते हैं। खेल और नए कॉलेज खोलने के लिए भी बजट में प्रावधान किए जा सकते हैं। इसके साथ ही साथ गोधन योजना और राजीव गांधी न्याय योजना के लिए राशि का प्रावधान किया जाएगा। राजीव न्याय योजना ड्रीम प्रोजेक्ट है।
सरकार छोटी सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है, और इसके लिए बजट में प्रावधान किए जाएंगे। इसके अलावा सडक़ों का जाल बिछाने के लिए भी राशि का प्रावधान किया जाएगा। कुल मिलाकर कोरोना की वजह से आय में कमी के बावजूद हर वर्ग के फायदे के लिए बजट में कुछ न कुछ रह सकता है।


