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प्रेमाबाग जमीन घोटाले के तार सूरजपुर तक जुड़े हैं, 2 सरकारी कर्मी गिरफ्तार
05-Feb-2021 6:31 PM
प्रेमाबाग जमीन घोटाले के तार सूरजपुर तक जुड़े हैं, 2 सरकारी कर्मी गिरफ्तार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बैकुंठपुर, 5 फरवरी।
कोरिया जिले का बहुचर्चित प्रेमाबाग जमीन घोटाले के तार सूरजपुर जिले तक जुड़े हुए हंै, पुलिस ने आज तडक़े 2 सरकारी कर्मचारियों को पकड़ा, और उन्हें न्यायालय में पेश कर रिमांड पर जेल भेज दिया।

इस संबंध में उप पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र पटेल का कहना है कि प्रेमाबाग के मामले में कई कडिय़ों को जोड़ा जा रहा है, मामले में अब तक 10 लोगों को जेल भेजा जा चुका है, कार्रवाई अभी जारी है।

भूमि का फर्जी वारिस बनाकर भूमि की रजिस्ट्री के मामले में पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह के निर्देश पर दो टीमें आरोपियों को पकडऩे रवाना हुई। एक टीम अम्बिकापुर पहुंची, जहां से सूरजपुर जिले के प्रतापपुर तहसील के बकुना में पदस्थ पटवारी वासुदेव मांझी और दूसरी टीम प्रतापपुर से तहसीलदार के रीडर महेंद्र राजवाड़े को गिरफ्तार कर सिटी कोतवाली ले कर आए, जहां दोनों से उप पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र पटेल और कोतवाली प्रभारी कमला कांत शुक्ला ने लंबी पूछताछ की, जिसके बाद दोनो को न्यायालय में पेश किया गया,जहां से उन्हें रिमांड पर जेल निरुद्ध कर दिया गया।

पुलिस की माने तो प्रेमाबाग की भूमि के वारिस की खोज करते बिल्डर और उनके सहयोगी प्रतापपुर पहुंचे, जहां जमीन मालिक से मिलते-जुलते नाम के व्यक्ति को वारिस बनाया, जिसे पुलिस ने जेल में निरुद्ध कर रखा है। भूमि मालिक का मृत्यु प्रणाम पत्र, वंश वृक्ष भी बनाया और पूरा प्रकरण वर्ष 2015 बैकडेट का बनाकर कार्यालय में रखा, उसी आधार पर फर्जी वारिस के नाम मुख्तियारनामा बन गया और रजिस्ट्री भी हो गयी।

अब तक 10 आरोपी जेल में
प्रेमाबाग जमीन घोटाले में अब तक 10 आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है, पहले 5 आरोपियों को जेल भेजा गया जिसमें फर्जी वारिस भी शामिल था, उसके बाद रीवा के चिकित्सक के साथ चिरमिरी के दो आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा और उसके बाद अब आज 2 आरोपियों को जेल भेजा गया है। पुलिस की माने तो अभी मामले में कई आरोपियों को पुलिस पकड़ सकती है। जिन्होंने पूरे षडयंत्र में बिल्डर का साथ दिया।


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