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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 1 फरवरी। प्रदेश कांग्रेस ने धान खरीदी पर भ्रम फैलाने के लिए पूर्व सीएम रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय से माफी मांगने कहा है। उन्होंने कहा कि रमन सरकार ने 15 सालों में किसानों की जिन्दगी खराब की। जबकि भूपेश सरकार ने किसान हित में लाजवाब काम किया है।
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी और प्रदेश उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रदेश में इस बार रिकार्ड तोड़ धान खरीदी हुई। जबकि भाजपा नेता लगातार खरीदी प्रक्रिया में बाधा डालते रहे। भ्रम फैलाते रहे। केन्द्र की सरकार बाधा डालती रही, इससे भाजपा नेताओं को शर्मिंदा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रमन सरकार ने किसानों से धोखाधड़ी की थी। 5 हास पॉवर पम्प को मुफ्त बिजली, एक-एक दाना धान खरीदी, और बोनस को लेकर हमेशा धोखा किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पहले साल जब 25 सौ रुपए में धान खरीदी सफलतापूर्वक हो गई। इन्होंने केन्द्र सरकार के खाद्य सचिव से पत्र जारी किया। जिसमें कहा गया कि समर्थन मूल्य से अधिक राशि दी गई, तो छत्तीसगढ़ के किसानों से धान से बना चावल एफसीआई के गोदामों में नहीं रखा जाएगा। इस बार तो हद कर दी। मोदी सरकार ने जूट के बोरों की आपूर्ति रोक दी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए अदम्य साहस का परिचय देते हुए भूपेश सरकार ने किसानों का धान खरीदा। उन्होंने कहा कि रमन सरकार के आखरी साल के आंकड़ों पर ही नजर डाले तो भाजपा के किसान विरोधी चरित्र की पोल यही खुल जाती है। त्रिवेदी ने बताया कि कांग्रेस ने 2018-19 में 16,96,765 और 2019-20 में 19,55,544 और 2020-21 में 21,52,475 किसानों का पंजीकरण किया और किसानों के धान की भरपूर खरीद की, लेकिन रमन सिंह सरकार के अकेले 1 साल के अंतिम कार्यकाल 2017-18 में 71068 पंजीकृत किसानों ने धान नहीं बेचा था। राज्य में धान विक्रय के लिए इस वर्ष पंजीकृत कृषकों की संख्या अब तक की सर्वाधिक पंजीकृत संख्या है।


