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(File Photo: IANS)
लखनऊ, 29 जनवरी| किसान मुद्दे पर विपक्ष केंद्र सरकार को घेर रहा है। शुक्रवार से शुरू हो रहे बजट सत्र को 16 विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के भाषण को बायकॉट करने का एलान किया है। अब इन दलों के साथ मायावती की पार्टी भी शामिल हो गई है। मायावती ने इस बारे में जानकारी देते हुए ट्विटर पर लिखा कि, बसपा ने, देश के आन्दोलित किसानों के तीन विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग नहीं मानने व जनहित आदि के मामलों में भी लगातार काफी ढुलमुल रवैया अपनाने के विरोध में, आज राष्ट्रपति के संसद में होने वाले अभिभाषण का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि, कृषि कानूनों को वापस लेकर दिल्ली आदि में स्थिति को सामान्य करने का केंद्र से पुन: अनुरोध तथा गणतंत्र दिवस के दिन हुए दंगे की आड़ में निर्दोष किसान नेताओं को बलि का बकरा न बनाएं। इस मामले में यूपी के बीकेयू व अन्य नेताओं की आपत्ति में भी काफी सच्चाई। सरकार ध्यान दे।
संसद के शुरू हो रहे बजट सत्र के पहले ही दिन से कृषि सुधार कानून के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तलवारें खींची नजर आ रही हैं। कांग्रेस की अगुवाई में 16 विपक्षी दलों ने किसान आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करने का एलान किया है। (आईएएनएस)


