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-सुमित कुमार
पानीपत. दिल्ली में हुई किसानों की ट्रैक्टर परेड के बाद वापस लौट रहे हैं किसानों का दिल्ली में हुई हिंसा पर कहना है कि दिल्ली में कोई हिंसा नहीं हुई है ये तो बस मीडिया में दिखाया जा रहा है, आंदोलन तो शांतिपूर्ण था. दिल्ली में हुई हिंसा पर कुछ किसानों का कहना था कि ये वहीं हुआ है जो केंद्र सरकार ने चाहा था. इसके साथ ही किसानों का ये भी कहना था कि यह हिंसा हुई नहीं करवाई गई है और यह हिंसा सरकार ने खुद करवाई है. दिल्ली के अंदर हुई हिंसा में किसानों का कोई दोष नहीं है.
दिल्ली से लौट रहे किसानों ने कहा कि दिल्ली में हिंसा करने वाले सरकार के ही लोग हैं. ये लोग सरकार द्वारा ही छोड़े गए थे. किसानों ने कहा कि दिल्ली के अंदर हुई हिंसा से किसान आंदोलन पर कोई असर नही पड़ेगा बल्कि आंदोलन और तेज होगा. जब तक सरकार किसानों की बात नहीं मानेगी किसान पीछे हटने वाला नहीं है.
क्यों वापस लौट रहे किसान
किसानों से जब ये पूछा गया कि आपको 1 फरवरी तक वहीं रुकने के लिए कहा गया था फिर आप वापस घर क्यों जा रहे हो? इस पर किसानों का कहना था कि हम काफी समय से बॉर्डर पर ही थे और आज हमारे दूसरे साथी वहां आ गए हैं. इसिलए हम घर वापस जा रहे हैं और फिर जब दोबारा हमारा नंबर आएगा हम फिर वापस आंदोलन में आ जायेंगे.
किसानों ने कही ये बात
किसानों ने कहा कि फिलहाल हमारी ट्रालियां वही रुकी हुई हैं. किसानों का कहना था कि हमारे घर से हमे वापिस बुलाने के लिए कोई फोन नहीं आया,बल्कि हमारे घरवाले तो हमें समर्थन दे रहे हैं और कह रहे हैं कि काले कानून रद्द करवाकर ही घर वापस आना.


