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GITA GOPINATH/TWITTER
"इतना ख़ूबसूरत चेहरा इनका, इकॉनमी के साथ कोई जोड़ ही नहीं सकता..."
अभिनेता अमिताभ बच्चन ने ये टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख अर्थशास्त्री और भारतीय मूल की गीता गोपीनाथ के बारे में की.
अमिताभ बच्चन ने ये टिप्पणी तब की जब टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के दौरान उन्होंने एक महिला प्रतिभागी से गीता गोपीनाथ से जुड़ा सवाल पूछा.
अमिताभ ने स्क्रीन पर गीता गोपीनाथ की दिखाते हुए महिला प्रतिभागी से कहा, "इतना ख़ूबसूरत चेहरा इनका, इकॉनमी के साथ कोई जोड़ ही नहीं सकता..."
Ok, I don't think I will ever get over this. As a HUGE fan of Big B @SrBachchan, the Greatest of All Time, this is special! pic.twitter.com/bXAeijceHE
— Gita Gopinath (@GitaGopinath) January 22, 2021
सोशल मीडिया पर अमिताभ बच्चन की यह क्लिप वायरल हो रही है.
ख़ुद गीता गोपीनाथ केबीसी में ख़ुद से जुड़ा सवाल पूछे जाने और अमिताभ की टिप्पणी सुनकर बेहद ख़ुश नज़र आईं.
उन्होंने यह वीडियो क्लिप ट्वीट किया और लिखा, "ओके...मुझे नहीं लगता है कि मैं कभी ये भूल पाऊंगी. सदी के महानायक बिग बी की जबरदस्त प्रशंसक होने के नाते ये मेरे लिए ख़ास है."
गीता गोपीनाथ ने तो अमिताभ की टिप्पणी को तारीफ़ के तौर पर लिया लेकिन सोशल मीडिया पर कई लोगों ने ध्यान दिलाया कि बिग बी का कमेंट कितना 'सेक्सिस्ट' (महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह से भरा) है.
भारतीय अर्थशास्त्री रूपा सुब्रमण्य ने लिखा, "ये बेहद सेक्सिट और मूर्खतापूर्ण है. काश आप इस पर ख़ुश होने की बजाय इसकी निंदा करतीं. बिग के कमेंट पर आपकी प्रतिक्रिया जिस तरह वायरल हो रही है, उसे देखकर लगता है कि आपको सेक्सिज़्म से कोई दिक्कत नहीं है."
रूपा सुब्रमण्य के अलावा और भी कई महिलाओं ने अमिताभ बच्चन की टिप्पणी पर सख़्त आपत्ति जताई.
नमिता ने लिखा, "मुझे 'ब्यूटी विद ब्रेन' वाला कमेंट बिल्कुल पसंद नहीं आया. अमिताभ बच्चन का ये इशारा करना कि ख़ूबसूरत महिलाएं अर्थशास्त्री नहीं हो सकतीं, मूर्खतापूर्ण है."
एक अन्य ट्विटर यूज़र ने कहा, "सच कहूँ तो ये 'चीप' कमेंट था. आप (गीता) एक विद्वान हैं और अमिताभ आपके बारे में अगर कुछ बोल पाए तो वो सिर्फ़ आपके चेहरे के बारे में था. हमें अपनी अगली पीढ़ी को आपकी उपलब्धियों के बारे में बताने की ज़रूरत है न कि सतही ख़ूबसूरती के बारे में. बिग बी ने बड़ा मौका गँवा दिया."
ललिता ने लिखा, "यानी अमिताभ बच्चन को लगता है कि अर्थशास्त्री ख़ूबसूरत नहीं हो सकते. उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि जो लोग आपको स्क्रीन पर समझदार दिखते हों, ज़रूरी नहीं कि वो असल ज़िंदगी में भी वैसे होंगे."
एक अन्य ट्विटर यूज़र ने लिखा, "मैंने ये क्लिप लगभग 10 बार देखी और महिला प्रतिभागी के चेहरे के भाव पढ़े. वो एक पल को कंफ़्यूज़्ड लगीं या शायद उसे लगा की वो उतनी सुंदर नहीं है..."
वहीं, सोशल मीडिया पर कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें लगता है कि अमिताभ बच्चन की टिप्पणी में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है और उन्होंने सिर्फ़ गीता गोपीनाथ की तारीफ़ की.
भारतीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ गीता गोपीनाथ

भारतीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ गीता गोपीनाथ
कुछ लोग कह रहे हैं कि बिग बी के बयान पर बहस करके तिल को ताड़ नहीं बनाना चाहिए.
एक ट्विटर यूज़र ने लिखा, "शायद अमिताभ ये कहना चाहते थे कि अर्थशास्त्रियों की छवि आमतौर पर गंभीर व्यक्तित्व वाली होता है और गीता उससे हटकर हैं."
वैसे, महिलाओं के संदर्भ में 'ब्यूटी विद ब्रेन' वाली बहस नई नहीं है. महिलाओं के एक वर्ग का मानना है कि 'ब्यूटी विद ब्रेन' तारीफ़ नहीं है बल्कि यह औरतों से जुड़े इस पूर्वाग्रह को बढ़ावा देती है कि ख़ूबसूरत महिलाएं बुद्धिमान या कामयाब नहीं हो सकतीं.
जेंडर स्टडीज़ के क्षेत्र इस विषय पर लंबे वक़्त से चर्चा होती रही है कि महिलाओं को उनकी प्रतिभा और कामयाबी के बजाए कैसे उनके चेहरे और शरीर से आँका जाता है.
कौन हैं गीता गोपीनाथ
साल 2018 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में भारतीय मूल की प्रोफ़ेसर रहीं गीता गोपीनाथ को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) का प्रमुख अर्थशास्त्री नियुक्त किया गया था.
गीता गोपीनाथ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल स्टडीज़ ऑफ़ इकनॉमिक्स में प्रोफ़ेसर थीं. उन्होंने इंटरनेशनल फ़ाइनेंस और मैक्रोइकनॉमिक्स में रिसर्च की है.
आईएमएफ़ की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्डे ने सोमवार को गीता गोपीनाथ की नियुक्ति की जानकारी देते हुए कहा था, ''गीता दुनिया के बेहतरीन अर्थशास्त्रियों में से एक हैं. उनके पास शानदार अकादमिक ज्ञान, बौद्धिक क्षमता और व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव है.''
आईएमएफ़ में इस पद पर पहुंचने वाली गीता दूसरी भारतीय हैं. उनसे पहले भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी आईएमएफ़ में प्रमुख अर्थशास्त्री रह चुके हैं.

पीयूष गोयल के साथ गीता गोपीनाथ
केरल सरकार में भूमिका
केरल सरकार ने गीता गोपीनाथ को पिछले साल राज्य का वित्तीय सलाहकार नियुक्त किया था. गीता का जन्म केरल में ही हुआ था.
जब केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गीता की नियुक्ति की थी तो उस समय उन्हीं की पार्टी के कुछ लोग नाराज़ भी हुए थे.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार उस समय गीता ने कहा था कि ये पद मिलने के बाद वो सम्मानित महसूस कर रही हैं.
गीता गोपीनाथ अमेरिकन इकनॉमिक्स रिव्यू की सह-संपादक और नेशनल ब्यूरो ऑफ़ इकनॉमिक रिसर्च (एनबीइआर) में इंटरनेशनल फ़ाइनेंस एंड मैक्रोइकनॉमिक की सह-निदेशक भी हैं.
गीता ने व्यापार और निवेश, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट, मुद्रा नीतियां, कर्ज़ और उभरते बाज़ार की समस्याओं पर लगभग 40 रिसर्च लेख लिखे हैं.
वो साल 2001 से 2005 तक शिकागो यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर थीं. इसके बाद साल 2005 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के तौर पर उनकी नियुक्ति हुई.
साल 2010 में गीता इसी यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर बनीं और फिर 2015 में वे इंटरनेशनल स्टडीज़ एंड ऑफ़ इकनॉमिक्स की प्रोफ़ेसर बन गईं.
गीता गोपाीनाथ ने ग्रेजुएशन तक की शिक्षा भारत में पूरी की. गीता ने साल 1992 में दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र में ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की.
इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में हीमास्टर डिग्री पूरी की. साल 1994 में गीता वाशिंगटन यूनिवर्सिटी चली गईं.
साल 1996 से 2001 तक उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी पूरी की. (bbc)


