ताजा खबर
'छत्तीसगढ़, संवाददाता
रायपुर, 23 जनवरी। प्रदेश के सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मियों ने नियमितीकरण, वेतन विसंगति दूर करने समेत अपनी कई मांगों को लेकर आज यहां जमकर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर जल्द विचार ना करने पर वे सभी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के बैनर पर आज सुबह यहां रायपुर समेत प्रदेश के सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मी एकजुट हुए। इसके बाद वे सभी बैनर-पोस्टर के साथ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि प्रदेश में करीब 18 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मी पिछले कई साल से काम कर रहे हैं, लेकिन उनका नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है। वेतन में भी भारी विसंगतियां हैं। इसके अलावा उनकी और कई मांगें हैं, जो पूरी नहीं हो रही है।
कर्मचारी संघ प्रांतध्यक्ष टारजन गुप्ता, सचिव प्रवीण ढीड़वंशी व अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि प्रांतव्यापी प्रदर्शन में प्रदेश के ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला-पुरूष, सेकंड एएनएम, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एवं खंड प्रशिक्षण अधिकारी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 18 हजार स्वास्थ्य कर्मी पिछले कई साल से काम कर रहे हैं, लेकिन रिक्त पदों पर उनका नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है।
दूसरी तरफ स्वास्थ्य संयोजक पिछले 20 साल से वेतन विसंगति का दंश झेल रहे हैं। उनके वेतनमान में अन्य विभागों की तुलना में भारी अंतर है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस संबंध में सरकार से कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन वेतनमान में संशोधन लंबित है। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर जल्द विचार ना करने पर वे सभी आगे की रणनीति बनाने मजबूर होंगे।



