ताजा खबर

सार्वजनिक रूप से अपमानित करने पर ही लगे एट्रोसिटी एक्ट - हाईकोर्ट
22-Jan-2021 9:04 AM
सार्वजनिक रूप से अपमानित करने पर ही लगे एट्रोसिटी एक्ट - हाईकोर्ट

'छत्तीसगढ़' संवाददाता 
बिलासपुर, 22 जनवरी। हाईकोर्ट ने दुर्ग जिले के एक मामले में आरोपियों को अग्रिम जमानत की अनुमति देते हुए व्यवस्था दी है कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार अधिनियम की धारायें उसी स्थिति में दर्ज की जायेगी जब शिकायतकर्ता को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया हो।

दुर्ग के उतई थाने में ग्राम मुर्रा के सरपंच पालेश्वर ठाकुर की मां नर्मदा बाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रजनीश मिश्रा, विजय जैन व दिलीप जैन घटना के दिन उसके घर पहुंचे थे। तीनों ने बेटे के बारे में पूछताछ की। बेटा घर पर नहीं था, यह बताने पर उन्होंने जातिसूचक गालियां दी। 

पुलिस ने तीनों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट की धारा 3-1 (आर) के तहत जुर्म दर्ज किया था। निचली अदालत में तीनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। याचिकाकर्ता के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न दृष्टांतों का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत मांगी थी। 


अन्य पोस्ट