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खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी ने आरोपों पर कसा तंज
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 19 जनवरी। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी ने आज कहा कि केन्द्र से 9 हजार करोड़ रुपये तो क्या 9 रूपये भी हमें नहीं मिले हैं। कहीं दिल्ली से यह राशि सरकार की जगह भाजपा कार्यालय के खाते में तो जमा नहीं हो गई।
बोर्ड की संभागीय समीक्षा बैठक में पहुंचे तिवारी ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए यह बात कही। उनसे पूछा गया कि भाजपा 9000 करोड़ रुपये का हिसाब पूछ रही है, जो केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिये भेजा है। तिवारी ने कहा कि हमने केन्द्र सरकार की एजेंसी नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कार्पोरेशन से 7000 करोड़ रुपये का ऋण लिया है साथ ही विभिन्न वित्तीय संस्थाओं से 2500 करोड़ रुपये। इस तरह नौ नहीं 9500 करोड़ रुपये हमने लिये हैं। धान खरीदी के लिये ली गई यह राशि 31 मार्च 2021 तक हमें सूद समेत लौटानी है, जब एफसीआई हमें चावल खरीदी का भुगतान कर देगी। केन्द्र के 9000 करोड़ रुपये हमें तो नहीं मिले, कहीं यह भाजपा कार्यालय के खाते में तो नहीं चले गये, यह उनकी पार्टी के नेताओं को बताना चाहिये।
तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर आरोप लगाया कि वे षड़यंत्रों के सरताज हैं। वे छत्तीसगढ़ के किसानों से बदला लेने के लिये समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के मुद्दे पर लोगों को बरगला रहे हैं, क्योंकि पिछले चुनाव में उन्हें किसानों ने धूल चटा दी। इसके बाद दो और सीटें भी जिताकर कांग्रेस को 70 सीटों तक पहुंचा दिया। वे केन्द्र सरकार को भ्रमित करने में लगे हुए हैं। एक तरफ वे कहते हैं कि हम समर्थन मूल्य 2500 रुपये क्यों नहीं दे रहे हैं दूसरी तरफ केन्द्र को बरगला रहे हैं कि हम समर्थन मूल्य से ज्यादा कीमत पर धान खरीद रहे हैं। इसी के कारण केन्द्र सरकार ने हमारा चावल लेने से मना कर दिया था। इस परिस्थिति को सुधारने के लिये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात करनी पड़ी थी, जिसके बाद सिर्फ 24 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदने की सहमति अभी तक मिली है जबकि बात 40 लाख मीट्रिक टन लेने की बात हुई थी।
अवैध रेत उत्खनन में कांग्रेस नेताओं के लिप्त होने के बारे में पूछे गये सवाल पर तिवारी ने कहा कि उन्हें तथ्यों का ज्यादा पता नहीं पर किसी भी अवैध गतिविधि को इस सरकार की ओर से संरक्षण नहीं है।


