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सामुदायिक वन अधिकार पर हजारों आदिवासियों की रैली
19-Jan-2021 2:59 PM
सामुदायिक वन अधिकार पर हजारों आदिवासियों की रैली

उदंती सीतानदी दफ्तर घेरा, धरना

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 19 जनवरी।
मंगलवार को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार की मांग को लेकर मैनपुर उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व क्षेत्रों से हजारों आदिवासी गरियाबंद जिला मुख्यालय टै्रक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे। जिला मुख्यालय के गांधी मैदान से रैली निकाल अपनी मांगों को बुलंद करते हुए उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व कार्यालय पहुंचकर घेराव कर सडक़ पर धरना पर बैठे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस जवान तैनात है। समाचार लिखे जाने तक दोपहर ढाई बजे शांतिपूर्वक चर्चा करने बात जारी है।

ज्ञात हो कि जिले के विकासखंड मैनपुर के उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व क्षेत्र के ग्राम पंचायत उदंती, कोयबा, नागेश, करलाझर, साहेबिन कछार, मोतीपानी, अमाड़, कुंभकोट, देवझर अमली, जुगाड़, जांगड़ा, बरगांव, कुर्रुभाठा, डूमरपड़ाव, पायलीखंड, बंजारीबाहरा कोर एरिया एवं तौरंगा कोदोमाली, इंदागांव क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों व ग्राम सभा सदस्यों के द्वारा गत दिनों बैठक आयोजित कर रणनीति तैयार की गई थी कि मांगों को लेकर 19 जनवरी को वन विभाग उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व कार्यालय गरियाबंद का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। 

किसान मजदूर संघर्ष समिति के अर्जुन सिंह नायक ने बताया कि  वन अधिकार कानून में टाईगर रिजर्व राष्ट्रीय वन उद्यान, अभ्यारण्य, संकटपूर्ण वनजीव आवास को सभी जगह ग्रामसभा को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार देने का प्रावधान है, लेकिन अभ्यारण क्षेत्र के कोर एरिया में वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत निवासरत परंपरागत आदिवासियों एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों को उसके वास्तविक अधिकार दिलाने शासन प्रशासन द्वारा हर बार आश्वासन का लंबी चौड़ा प्रस्ताव बनाया जाता है, पर यहां निवासरत लोगों को आज तक किसी प्रकार का सामुदायिक वन अधिकार, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के संबंध में लाभ नहीं दिया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि कार्यालय आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास अभिकरण की ओर से 9 दिसंबर 2020 को कलेक्टर के नाम जारी पत्र अनुसार वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत संकटपूर्ण वन जीव आवास, अभ्यारण राष्ट्रीय उद्यान, टाईगर रिजर्व में आने वाले कोर एवं बफर क्षेत्र में वन अधिकारों की मान्यता की प्रक्रिया में शामिल करने कहा गया है लेकिन हमारी यह प्रमुख मांग आज तक लंबित है। 

अभ्यारण क्षेत्र के कोर एरिया एवं बफर एरिया में सामुदायिक वन संसाधन वन अधिकार, सामुदायिक वन अधिकार, व्यक्तिगत वन अधिकार को लेकर 19 जनवरी को क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सहित आदिवासी ग्रामीण बड़ी संख्या में गरियाबंद जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।

इस मौके पर प्रमुख रूप से अर्जुन सिंह नायक, टीकम नागवंशी, मधुर सिंह ओटी, राजकुमार नागेश, मानसिंग धु्रव, बेनीपुरी गोस्वामी, वीरसिंह मरकाम, रूपसिंह मरकाम, दीपक मंडावी, नारायण मरकाम, पुस्तम मांझी, गोपाल नेताम, महेश नागवंशी, दीपचंद ओंटी, रूपेश मसीह, मायाराम कपिल, उत्तम नेताम, बैजनाथ नेताम, बंशीधर, कैलाश, जयराम नागवंशी, कैलाश नेताम, अमृत, सहदेव, कुमार सिंह नायक तुलाराम नेताम, अमर सिंह, महेश राम, उत्तम, बेनीपुरी गोश्वामी, नन्हेसिंह यादव, दीपचंद, टीकम सिंह मांझी, पुस्तम नेताम, तुलाराम नेताम, कैलाश मरकाम, कार्तिकराम नेताम, बलमत पोर्टी सहित अभ्यारण क्षेत्र के 17 ग्रामों के जनप्रतिनिधि, प्रमुख जन हजारों की संख्या में उपस्थित रहे।

 


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