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कुत्ता काटने से मौत पर मुआवजा देने का नियम नहीं, हाईकोर्ट डीबी ने लगाई रोक
15-Jan-2021 12:22 PM
कुत्ता काटने से मौत पर मुआवजा देने का नियम नहीं, हाईकोर्ट डीबी ने लगाई रोक

 सिंगल बेंच ने 10 लाख रुपये मुआवजा देने का पारित किया था आदेश
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 15 जनवरी।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एकल पीठ के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें कुत्ता काटने से हुई मौत पर पीडि़त परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश पारित किया गया था।
अक्टूबर 2018 में गौरेला के गेंदलाल गोंड (38 वर्ष) को कुत्ते ने काट लिया। उसके पिता भैयालाल गोंड ने कलेक्टर से मुआवजे की मांग की। जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि कुत्ते के काटने पर किसी तरह का मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है। इसके बाद मृतक के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट में शासन की ओर से बताया गया कि असामायिक मृत्यु पर दिया जाने वाला मुआवजा पीडि़त परिवार को दिया गया है। जून 2019 में जस्टिस प्रशांत मिश्रा की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार के लिये आदेश पारित किया कि पीडि़त परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाये। इसके खिलाफ राज्य सरकार की ओर से डबल बेंच में अपील की गई। शासन की ओर से बताया गया कि रेवेन्यू बुक सर्कुलर में केवल सांप काटने पर मुआवजा देने का प्रावधान है। कुत्ता काटने पर नहीं दिया जा सकता। प्रावधान नहीं होने के कारण सिंगल बेंच का आदेश अनुचित है। 


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