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मदुरै । इस मौके पर उन्होंने कहा, “इस देश के किसान इस देश की रीढ़ की हड्डी हैं. अगर कोई यह सोचता है कि आप किसानों को दबा सकते हैं और यह देश उन्नति करता रहेगा तब आपको पीछे मुड़कर इतिहास देखना होगा. जब कभी भी किसान कमज़ोर हुए हैं तब भारत कमज़ोर हुआ है.”
उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ़ किसानों को नज़रअंदाज ही नहीं कर रही बल्कि यह उन्हें तबाह करने की साजिश भी है. क्योंकि वो अपने दो-तीन दोस्तों को फ़ायदा पहुँचाना चाहते हैं. वे किसानों के हक की चीज़ अपने दो-तीन दोस्तों को देना चाहते हैं. यह हो रहा है. जो कुछ हो रहा है उसके लिए नज़रअंदाज़ करना एक बहुत हल्का शब्द है.
उन्होंने कहा, “आप किसानों को दबा रहे हैं. आप कुछ मुट्ठीभर व्यापारियों की मदद कर रहे हैं. जब कोरोना आया तब आपने आम आदमी की मदद नहीं की. किसके प्रधानमंत्री हैं आप? आप भारत के लोगों के प्रधानमंत्री हैं या फिर 2-3 चुनिंदा व्यापारियों के?“
“मेरे शब्दों को नोट कर लीजिए. सरकार को ये तीनों कृषि क़ानून वापस लेने पर मजबूर होना पड़ेगा. याद रखिएगा जो मैंने कहा है.“ (https://www.bbc.com/)


