ताजा खबर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 11 जनवरी। रविशंकर शुक्ला यूनिवर्सिटी के एक डॉक्टर के खिलाफ शुरू की गई जांच पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इस डॉक्टर के खिलाफ कोई शिकायत ही नहीं की गई थी। लोक आयोग ने खुद संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच शुरू की थी।
रविशंकर विश्वविद्यालय के चिकित्सक डॉ शिव शंकर अग्रवाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में कि किसी लोक सेवक के खिलाफ शिकायत होने पर जांच तो की जा सकती है लेकिन यह किसी शिकायत के बिना नहीं की जा सकती। याचिकाकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी जिसमें उन्हें पता चला कि इसमें ना तो कोई शिकायत है नहीं कोई शपथ पत्र दिया गया है।
यह भी बताया गया कि संविधान के अनुच्छेद 20 और उपखंड 3 के अंतर्गत खुद के विरुद्ध साथ देने के लिए किसी भी व्यक्ति को बाध्य भी नहीं किया जा सकता। लोक आयोग ने आवेदक को शिकायत की प्रतिलिपि देने से भी मना कर दिया। हाई कोर्ट ने माना कि लोक आयोग की कार्रवाई एकतरफा है और विश्वविद्यालय के चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी। न्यायमूर्ति गौतम बागड़ी की अदालत में यह सुनवाई आज हुई।


