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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 15 जनवरी। जिले में धान मिलिंग और भंडारण को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को गठित संयुक्त जांच दल ने विकासखंड बिल्हा के ग्राम केसला में संचालित कटस्म मिलिंग के लिए पंजीकृत गायत्री फूड प्रोडक्ट की जांच की। जांच में धान के स्टॉक में बड़ी अनियमितता सामने आई, जिसके बाद राइस मिल को सील कर दिया गया और मौके पर मौजूद पूरा धान जब्त कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान राइस मिलर ने समितियों से कुल 25,300 क्विंटल धान का उठाव किया था। लेकिन जब जांच दल ने मिल परिसर का भौतिक सत्यापन किया, तो वहां केवल 22,148 क्विंटल धान ही मौजूद पाया गया। यानी 3,152 क्विंटल धान मिल में नहीं मिला।
जांच अधिकारियों ने बताया कि मिल संचालक आयुष अग्रवाल द्वारा किया गया यह कृत्य छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 का स्पष्ट उल्लंघन है। धान की इतनी बड़ी मात्रा का गायब होना रिसायकलिंग या अन्य अनियमित गतिविधियों की ओर इशारा करता है। इसी आशंका को देखते हुए मौके पर उपलब्ध पूरे 22,148 क्विंटल धान को जब्त कर लिया गया।
जब्त किए गए धान की कुल कीमत लगभग 6 करोड़ 86 लाख 58 हजार 800 रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही राइस मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
इस कार्रवाई में जिले के सहायक खाद्य अधिकारी अजय कुमार मौर्य, खाद्य निरीक्षक आशीष दीवान, श्याम वस्त्रकार और ललिता शर्मा शामिल रहे। अधिकारियों ने मिल के दस्तावेजों और स्टॉक का मिलान कर पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और पंचनामा भी तैयार किया।
गौरतलब है कि राज्य शासन के निर्देश पर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मिलर्स द्वारा समितियों से धान उठाव का कार्य किया जा रहा है। इसकी निगरानी के लिए आईसीसीसी कमांड सेंटर का गठन किया गया है। इसके तहत धान परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस के जरिए ट्रैक किया जा रहा है।
यदि कोई वाहन धान उठाने के बाद लंबे समय तक एक ही स्थान पर रुकता है या तय क्षमता से अधिक धान का परिवहन करता है, तो इसकी सूचना आईसीसीसी पोर्टल पर ऑनलाइन दिखने लगती है। इसके बाद जिला स्तर पर स्थानीय अधिकारी जांच करते हैं।


