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पूर्व सीएम मूर्खो जैसी बात कर रहे हैं...
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 11 जनवरी। धान खरीद में अव्यवस्था के खिलाफ भाजपा के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि रमन सरकार में कोरोना संक्रमण नहीं था। बारदाने की आपूर्ति में बाधा नहीं होती थी। फिर भी बारदाने की कमी और अव्यवस्था रहती थी। श्री बघेल पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह पर जमकर बरसे, और कहा कि वे मूर्खो जैसी बातें कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि केन्द्र सरकार ने धान-बोनस पर रोक लगाई है, वह गलत है अथवा नहीं। इसका जवाब देना चाहिए।
जगदलपुर से लौटने के बाद मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री ने रमन सिंह के बयानों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि रमन सिंह सांसद और केन्द्रीय मंत्री भी रहे हैं। हालांकि उनके पास कोई फाइल नहीं जाती थी। डॉ. रमन सिंह मूर्खो जैसी बात न करें। कोई भी काम राज्य और केन्द्र मिलकर करती है। चावल खरीदने का काम केन्द्र के आदेश से होता है। चावल क्यों नहीं ले रहे हैं?
उन्होंने कहा कि बोनस तो पहले केन्द्र भी देती थी। किसानों को धान पर बोनस देने की रोक लगाई है वह गलत है या नहीं, यह बताना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रमन सिंह के कार्यकाल में कोरोना संक्रमण नहीं था। जूट मिलें बंद नहीं थीं। बारदाने की आपूर्ति में रूकावट नहीं थी, फिर भी बारदाने की कमी उनके कार्यकाल में हुई। धान खरीदी में अव्यवस्था थी। इसको लेकर कई बार आंदोलन भी हुए थे।
किसान आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर श्री बघेल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जो बातें कर रहा है, वही बात किसान मांग कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट की बातों का हम स्वागत करते हैं। किसान सम्मान निधि का लाभ कम लोगों को मिलने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि के लिए छोटी-छोटी बातों को लेकर आंकड़े कम किए जा रहे हैं। हर बार नई जानकारी मांगकर आंकड़े कम कर दिए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार किसान सम्मान निधि की राशि छत्तीसगढ़ के किसानों को देना ही नहीं चाहती है।
श्री बघेल ने अर्थव्यवस्था पर कहा कि देश की खराब अर्थव्यवस्था के लिए केन्द्र सरकार का गलत तरीके से लॉकडाउन करना जिम्मेदार है। मार्च में लॉकडाउन होने से सभी का जीवन प्रभावित हुआ है। आज जीडीपी कम हो गया है, तो उसका कारण क्या है। केन्द्र सरकार का गलत निर्णय है।


