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अमर अग्रवाल और विधान मिश्रा के पीए रहे चुके हैं
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 11 दिसंबर। सराईपाली के पराजित भाजपा प्रत्याशी और जिला पंचायत सदस्य श्यामलाल तांडी की जाति प्रमाण पत्र की फाइल गायब कलेक्टोरेट से गायब हो गई है। इस पूरे मामले में एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है, और दो की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है।
तांडी वर्तमान में जिला पंचायत के सदस्य भी हैं। वे महासमुंद जिले के बसना के रहने वाले हैं। ग्राम झालपानी के सेतराम ने श्यामलाल तांडी के स्थाई जाति प्रमाण पत्र में संलग्न सभी अभिलेखों और दस्तावेजों की प्रतिलिपि चाही थी। तांडी अनुसूचित गाड़ा जाति के बताए जाते हैं, और इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें भाजपा ने सराईपाली विधानसभा से टिकट भी दी थी। मगर वे हार गए।
सेतराम ने तांडी की जाति प्रमाण पत्र को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्हें जाति प्रमाण पत्र नहीं उपलब्ध कराया गया, तो हाईकोर्ट में याचिका दायर की। प्रकरण अभी लंबित है। इस पूरे मामले पर खोजबीन शुरू हुई। यह पाया गया कि जाति प्रमाण पत्र से संबंधित अभिलेख गायब है। इस पूरे मामले में अपर कलेक्टर ने कर्मचारियों की लापरवाही मानते हुए प्रदीप कुमार उपाध्याय सहायक ग्रेड-3 लिपिक को निलंबित कर दिया है। साथ ही दो कर्मचारी रचना गार्डिया और शीतला तिवारी की एक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि श्यामलाल तांडी उद्योग विभाग के कर्मचारी रहे हैं। वे जोगी सरकार में मंत्री विधान मिश्रा के निज सचिव थे, और फिर बाद में उद्योग मंत्री अमर अग्रवाल के लंबे समय तक के निज सहायक रहे। वे बाद में नौकरी छोडक़र भाजपा में आ गए। वे जनपद सदस्य भी रहे। इसके बाद विधानसभा और जिला पंचायत का चुनाव भी लड़ा। वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं।


