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सीएम से मिलने आए आदिवासी परिवार की आत्मदाह की चेतावनी
11-Dec-2020 4:57 PM
सीएम से मिलने आए आदिवासी परिवार की आत्मदाह की चेतावनी

जमीन कब्जे की मांग, पुलिस प्रताडऩा का भी आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 11 दिसंबर। गरियाबंद के हरदी गांव का एक आदिवासी परिवार न्याय की मांग करते हुए आज यहां सीएम हाउस तक पहुंचा, लेकिन यहां उन्हें पुलिस उठा ले गई। पुलिस पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए उनकी मांग है कि गांव की जमीन से कब्जा वापस दिलाया जाए। परेशान परिवार ने चेतावनी दी है कि जल्द न्याय न मिलने पर वे सभी सीएम हाउस के सामने आत्मदाह के लिए मजबूर होंगे।

आदिवासी आशा राम धु्रव, अपनी पत्नी, बच्चों और परिवार के अन्य लोगों के साथ आज यहां सीएम हाउस पास पहुंचा। हाथ में बैनर लिए यह परिवार न्याय की गुहार लगाता रहा, लेकिन मौके पर उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। आशाराम के पुत्र तिलेश्वर धु्रव का कहना है कि वह अपने मां-बाप, भाई-बहन, दामाद व बच्चों के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय के लिए आया था, लेकिन सीएम से नहीं मिल पाए। सीएम से मिलने के पहले पुलिस उन्हें उठाकर सिविल लाइन थाने ले गई। उसका कहना है कि परिवार के सभी लोग कलेक्टर-एसपी से लेकर आदिवासी आयोग तक अपनी समस्या बता चुके हैं। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तक भी पत्र भेजे हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

परेशान आदिवासी परिवार का कहना है कि गांव की जमीन पर एक गैर आदिवासी परिवार का कब्जा है, जिसे वह हटाने तैयार नहीं है। दूसरी तरफ पुलिस उसके घर में आधी रात दबिश देकर जांच के नाम पर प्रताडि़त कर रही है और उन्हें नक्सली साबित करने में जुटी है। जबकि वे लोग उनसे बार-बार आग्रह करते हुए अपनी बेगुनाही बता रहे हैं। लगातार प्रताडऩा से तंग आकर आज अपनी समस्या बताने सीएम के पास आए थे, लेकिन नहीं मिलने दिया गया। आदिवासी परिवार ने चेतावनी दी है कि जल्द न्याय न मिलने पर वे सभी सीएम हाउस के सामने आत्मदाह के लिए बाध्य होंगे।

दूसरी तरफ सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि गरियाबंद क्षेत्र से कोई आदिवासी परिवार सीएम हाउस नहीं पहुंचा है। ऐसे में वे इस बारे में कुछ नहीं बता पाएंगे।


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