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पुरंदेश्वरी की बैठक से पहले विवाद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 7 दिसंबर। प्रदेश भाजपा की नवनियुक्त प्रभारी डी पुरंदेश्वरी की बैठक से पहले उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष नंदकुमार साय को बैठक स्थल में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। श्री साय ने संगठन के प्रमुख नेताओं को कोसते हुए पार्टी दफ्तर से चले गए।
अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री साय सोमवार को सुबह से ही प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी और सहप्रभारी नितिन नवीन के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंच गए थे। श्री साय ने पुरंदेश्वरी का स्वागत किया, और उन्हें परिचय भी दिया। इसके बाद सभी नेताओं के साथ वे कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचे। करीब साढ़े 12 बजे प्रदेश पदाधिकारियों और मोर्चा संगठनों की बैठक रखी गई थी।
श्री साय के बैठक स्थल में पहुंचे, तो बाहर उन्हें बताया गया कि उनका नाम ही नहीं है। इसके बाद नंदकुमार साय नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी दफ्तर से निकल गए। वे यह कहते सुने गए कि नेता प्रतिपक्ष रहते हुए वर्ष-2003 में लाठी-डंडे खाए थे। 45 दिन अस्पताल में भर्ती रहे, तब जाकर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। वे अविभाजित मप्र भाजपा के अध्यक्ष रहे, चार बार सांसद और विधायक रहे। वे अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे, लेकिन उन्हें बैठक में बुलाना भी जरूरी नहीं समझा गया। पार्टी दफ्तर में मौजूद कई कार्यकर्ताओं ने श्री साय का समर्थन भी किया।
पुरंदेश्वरी के साथ पदाधिकारियों की बैठक में पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पवन साय, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय सहित मोर्चा संगठनों के प्रमुख नेता भी मौजूद थे।


