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केरल की जनता बताए कि क्या एसडीपीआई और जमात-ए इस्लामी से राज्य सुरक्षित होगा : शाह
12-Jan-2026 10:14 AM
केरल की जनता बताए कि क्या एसडीपीआई और जमात-ए इस्लामी से राज्य सुरक्षित होगा : शाह

तिरुवनंतपुरम, 11 जनवरी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को चेतावनी देते हुए कहा कि केरल में कानून-व्यवस्था की स्थिति फिलहाल शांत दिख सकती है, लेकिन ‘‘कई खतरे धीरे-धीरे उभर रहे हैं’’ जो भविष्य में खतरनाक रूप ले सकते हैं।

शाह ने यहां एक प्रमुख मलयालम समाचार पत्र ‘केरल कौमुदी’ द्वारा आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुछ संगठनों की भूमिका पर सवाल उठाये और पूछा कि क्या वे वास्तव में लोगों को सुरक्षित रख सकते हैं।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘जो लोग सहअस्तित्व में विश्वास नहीं रखते, वे एकता कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं?’’

शाह ने कहा, ‘‘आज इस कार्यक्रम के माध्यम से मैं केरल के लोगों से पूछना चाहता हूं: क्या पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया), जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन और एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) जैसी राजनीतिक पार्टियां केरल को सुरक्षित रख सकती हैं?’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे खतरों की पहचान करना और उन्हें खत्म करने के प्रयास करना सरकार की जिम्मेदारी है।’’

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘‘इस तरह के खतरों की पहचान करना और उन्हें खत्म करने के प्रयास करना सरकार की जिम्मेदारी है।’’

उन्होंने पीएफआई पर प्रतिबंध का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) दोनों ने ही इस फैसले का न तो विरोध किया और न ही समर्थन किया।

गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं देश भर में जहां भी जाता हूं, यह बात स्पष्ट रूप से कहता हूं - पीएफआई पर प्रतिबंध लगाकर हमने उसके पूरे कैडर को सलाखों के पीछे डाल दिया, और परिणामस्वरूप पूरा देश अधिक सुरक्षित हो गया।’’

उन्होंने कहा कि केरल की सुरक्षा केवल ‘‘पर्दे के पीछे काम कर रहे अदृश्य खतरों’’ की पहचान करके ही सुनिश्चित की जा सकती है।

शाह ने कहा, ‘‘विकसित केरल के साथ-साथ सुरक्षित केरल भी महत्वपूर्ण है।’’

उनकी यह टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर द्वारा कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ में शामिल आईयूएमएल और इस्लामी संगठन जमात-ए-इस्लामी पर राज्य में भाजपा को हराने के लिए धर्म का इस्तेमाल करके ‘खतरनाक राजनीति’ खेलने का आरोप लगाए जाने के कुछ दिनों बाद आई है।

चंद्रशेखर ने आरोप लगाया था कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और जमात-ए-इस्लामी को युवाओं के विकास या रोजगार में कोई दिलचस्पी नहीं है, बल्कि उनका ध्यान केवल केरल में भाजपा के बढ़ते प्रभाव को रोकने पर केंद्रित है। (भाषा)


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