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कैंसर से महीनों लड़ते हुए भी लिखते रहे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 2 दिसंबर। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के एक सबसे वरिष्ठ पत्रकार ललित सुरजन का आज शाम दिल्ली में निधन हो गया। वे देशबंधु पत्र समूह के प्रधान संपादक थे और पिछले कुछ महीनों से दिल्ली में उनका कैंसर का इलाज चल रहा था। दो दिन पहले उन्हें बे्रन हैमरेज हुआ, और उनकी हालत बिगड़ती चली गई।
ललित सुरजन पिछली आधी सदी से अधिक समय से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय थे, और अपने आखिरी दिनों तक उन्होंने लिखना जारी रखा था। अखबार, पत्रिका के संपादन के अलावा वे संस्कृति, साहित्य, समाज और अनेक मुद्दों से जुड़े हुए आंदोलनों में लगातार सक्रिय रहते थे। वे अपने पत्र समूह के संचालक होने के साथ-साथ लगातार लिखने वाले एक सक्रिय पत्रकार के रूप में जाने जाते थे।
ललित सुरजन के अंतिम वक्त उनका परिवार उनके साथ था और अभी कुछ देर पहले ही सार्वजनिक रूप से इसकी पहली सूचना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करके दी। उन्होंने लिखा- प्रगतिशील विचारक, लेखक, कवि और पत्रकार ललित सुरजनजी के निधन की सूचना ने स्तब्ध कर दिया है। आज छत्तीसगढ़ ने अपना एक सपूत खो दिया। साम्प्रदायिकता और कूपमंडूकता के खिलाफ देशबंधु के माध्यम से जो लौ मायाराम सुरजनजी ने जलाई थी उसे ललित भैया ने बखूबी आगे बढ़ाया। पूरी जिंदगी उन्होंने मूल्यों को लेकर कोई समझौता नहीं किया। ललित भैया को मैं छात्र जीवन से जानता था और राजनीति में आने के बाद समय-समय पर मार्गदर्शन लेता रहता था।
भूपेश बघेल ने कहा- वे राजनीति पर पैनी नजर रखते थे और उनकी लोकतंत्र पर गहरी आस्था थी। नेहरूजी के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा मुझे प्रेरित करती थी। उनके नेतृत्व में देशबंधु ने दर्जनों ऐसे पत्रकार दिए हैं जिन पर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों को गर्व हो सकता है।
मायाराम सुरजन के शुरू किए हुए पत्र समूह को ललित सुरजन ने अपने छात्र जीवन से ही आगे बढ़ाना शुरू किया था।


