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कॉलेज प्रबंधन का दावा, मौत की वजह सिलेंडर फटना नहीं
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 2 दिसंबर। राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज के सह-जिला अस्पताल में बीती रात सघन कक्ष आईसीयू में एक आक्सीजन सिलेंडर के फटने से हुए धमाके में एक उपचारार्थ मरीज की दर्दनाक मौत हो गई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है कि मरीज की मृत्यु सिलेंडर फटने से नहीं हुई है। अतडिय़ों में संक्रमण और गंदा पानी पीने के कारण मरीज की मृत्यु हुई है।
बताया जा रहा है कि रात करीब 1.30 बजे के आसपास एक मरीज को आक्सीजन देने के दौरान प्लास्टिक निर्मित फ्लो मीटर अचानक से फट गया। जिसके चलते कक्ष में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कक्ष में काफी समय तक दहशत की स्थिति बनी रही। बताया जाता है कि आईसीयू में कुल 7 मरीज दाखिल थे, जो कि अलग-अलग बीमारियों के चलते इलाज करवा रहे हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद अस्पताल में कार्यरत निजी गार्डों और पुलिस जवानों ने मरीजों को बाहर निकलने के लिए काफी दमखम लगाया। कुछ मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया। वहीं एक मरीज ने दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि इस खबर के बाद सुबह प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम अस्पताल पहुंची। जिसमें सीएमओ भी शामिल थे। कलेक्टर टीके वर्मा ने पूरे घटनाक्रम को लेकर अफसरों को मौके का मुआयना करने का निर्देश दिया। टीम ने जांच के बाद कलेक्टर को रिपोर्ट सौंप दी है।
‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा करते कलेक्टर टीके वर्मा ने बताया कि घटना की जांच प्रशासनिक टीम करेगी। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पिछले कुछ दिनों से सिलेंडर की सप्लाई को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन विवादों के घेरे में है। कुछ दिन पहले पेंड्री स्थित एक कोरोना मरीज की तय समय पर आक्सीजन उपलब्ध नहीं होने से मौत हो गई थी। अभी यह मामला थमा नहीं था कि आज हुई घटना से अस्पताल प्रबंधन की अंदरूनी खामियां फिर से उजागर हुई है।


