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दुगली आगजनी कांड में लीपापोती का प्रयास -माकपा
13-Nov-2020 1:27 PM
दुगली आगजनी कांड में लीपापोती का प्रयास -माकपा

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 13 नवंबर।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने आरोप लगाया है कि दुगली आगजनी कांड में जांच के नाम पर प्रशासन द्वारा लीपापोती का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी तरफ, आदिवासियों के घर जलाने, उनकी फसलों को नष्ट करने और कई सालों से उनका सामाजिक बहिष्कार जारी रहने के मूल सवाल को ही जांच दायरे से गायब किया जा रहा है।

धमतरी जिला सचिव समीर कुरैशी ने जारी एक बयान में बताया है कि जांच पूरी होने के पूर्व ही बड़े सुनियोजित ढंग से मीडिया में प्रचारित किया जा रहा है कि कोई आगजनी नहीं हुई है और वन प्रबंधन समिति ने केवल अवैध कब्जों को हटाया है। जबकि जलती आदिवासी झोपडिय़ों की तस्वीरें सार्वजनिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमलावरों पर कार्यवाही के बजाए प्रशासन उन्हें बचाने के प्रयास में लगा है।

माकपा नेता ने कहा है कि पीडि़तों से पंचनामा के नाम पर एक ऐसे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रशासन द्वारा दबाव डाला जा रहा है, जिसमें लिखा हुआ है कि पीडि़तों के दावे के विपरीत उन्होंने वर्ष 2015 में वन भूमि पर कब्जा किया है। माकपा ने मीडिया के लिए इस कथित पंचनामा की छाया प्रति भी जारी की है, जिस पर पीडि़तों ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार स्वयं एसडीएम सुनील शर्मा, पीडि़तों पर दबाव बना रहे हैं कि वे वन भूमि छोड़कर कहीं और चले जाएं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने वन भूमि पर काबिज किसी भी व्यक्ति को बेदखल करने के आदेश पर स्टे दे रखा है। 

कुरैशी ने कहा है कि एसडीएम का रवैया सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना के दायरे में आता है। माकपा नेता ने कहा है कि यदि प्रशासन द्वारा आगजनी की घटना का फर्जीकरण किया जाता है, तो माकपा आदिवासियों के लिए न्याय की लड़ाई को और तेज करेगी।

 


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