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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 1 नवंबर। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के खिलाफ सन् 2017 में कोर्ट के आदेश पर एट्रोसिटी व अन्य धाराओं में दर्ज एफआईआर को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है।
कोरबा जिले के चुईया ग्राम के दुखलाल कंवर ने जमीन विवाद पर धारा 156(3) के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति अधिनियम की विशेष अदालत के समक्ष परिवाद दायर किया था। कोर्ट के आदेश पर अजा-अजा कल्याण थाने में उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 294, 506बी, 323, 120बी तथा अजजा अधिनियम 1989 की धारा 3-1 जी, एस-स, डी व 3 (2) वीए के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
इसके विरुद्ध हाईकोर्ट में जयसिंह अग्रवाल ने अधिवक्ता डॉ. निर्मल शुक्ला व अर्जित तिवारी के माध्यम से याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की इस दलील को कोर्ट ने स्वीकार किया कि एफआईआर पर परिवाद तभी दायर किया जा सकता है जब शिकायतकर्ता को थाने में और उसके पश्चात् पुलिस अधीक्षक की ओर से राहत नहीं मिले। इस मामले में पुलिस के समक्ष शिकायत करने अथवा आवेदन देने की प्रकिया का पालन नहीं किया गया है।


