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फ्रेंचाइजी देने के नाम पर एक करोड़ की ठगी, मुंबई का कारोबारी भंडारा में बंदी
30-Oct-2020 1:42 PM
फ्रेंचाइजी देने के नाम पर एक करोड़ की ठगी, मुंबई का कारोबारी भंडारा में बंदी

एक और की तलाश 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 सितंबर।
राजधानी रायपुर के दो युवा कारोबारियों से टी-4 हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर दो साल पहले एक करोड़ की ठगी करने वाला मुंबई का एक कारोबारी भंडारा (महाराष्ट्र) में पकड़ लिया गया। उसे रायपुर लाकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी है। ठगी के आरोपी की महिला पार्टनर की तलाश जारी है। 

पुलिस के मुताबिक तेलीबांधा के कारोबारी मौलिक जैन और रामसागरपारा के कारोबारी आयुष अग्रवाल ने 2018 में पार्टनरशिप कर कैफे कारोबार शुरू करने का निर्णय लिया। दोनों ने जानकारी जुटाई, तो पता चला कि टी-4 हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जिसका मुख्य कार्यालय मुंबई में है। इस कंपनी में मिक्की पंजवानी, रूपासी जयंत भट्ट संचालक हैं। यह कंपनी टी विला कैफे नाम से पूरे भारत में रेस्टारेंट का संचालन करती है। मौलिक और उसके दोस्त आयुष ने कंपनी के दोनों संचालकों से फिर संपर्क किया। 

बताया गया कि संपर्क करने पर उन्हें यह जानकारी मिली कि उनकी कंपनी को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, झारखंड और नागपुर में टी विला कैफे खोलने के लिए फ्रेंचाइजी नियुक्त करना है। दोनों कारोबारी ने इस पर झारखंड, नागपुर में कैफे खोलने  फ्रेंचाइजी की इच्छा जताई। दोनों की मोवा स्थित कार्यालय से मिक्की पंजवानी और रूपासी भट्ट से फोन पर चर्चा भी हुई। इस दौरान उन्होंने इन कारोबारियों को कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने के लिए एक करोड़ रुपए देने कहा। दोनों कारोबारियों ने मिक्की और रूपासी को कंपनी का लेटर ऑफ इंटेंट रायपुर भेजने कहा, तो उन्होंने कंपनी में कुछ पैसे जमा करने पर उसकी प्रति भेजने की बात कही।

बताया गया कि मुंबई के कारोबारियों के कहने पर यहां के दोनों कारोबारी ने पहले 25-25 लाख रुपए का चेक टी-4 हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मिक्की पंजवानी और रूपासी जयंत भट्ट को भेजा। इस बीच कहा गया था कि भुगतान के कुछ  दिनों बाद फ्रेंचाइजी मिल जाएगी, लेकिन अभी कंपनी का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। ऐसे में दोनों कारोबारियों ने 50-50 लाख रुपए उनके निजी खाते में जमा करा दिया। लंबे समय बाद भी फ्रेंचाइजी ना मिलने पर दोनों कारोबारियों ने रकम वापसी की मांग की, लेकिन मुंबई के कारोबारियों के मोबाइल बंद पाए गए।
 
दोनों कारोबारियों ने इस मामले की शिकायत मोवा पुलिस में की। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, तो मुंबई के दोनों कंपनी संचालक फरार पाए गए। कल  एक आरोपी मिक्की पंजवानी के रायपुर आने की खबर लगी थी, और वह भंडारा में हिरासत में ले लिया गया। उसकी महिला पार्टनर फरार है। पुलिस पूरे मामले की जांच में लगी है। फिलहाल फ्रेंचाइजी देने के नाम पर और कहां-कहां धोखाधड़ी की गई है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। 


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