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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 अक्टूबर। राज्यसभा सदस्य सुश्री सरोज पाण्डेय ने कहा कि केन्द्र सरकार ने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और अनाचार को लेकर एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि अब महिला अत्याचार प्रकरण में एफआईआर नहीं लिखने पर जिम्मेदार अफसर को दंडित किया जाएगा।
सुश्री पाण्डेय ने मीडिया से चर्चा में महिला अत्याचार के प्रकरणों पर जारी किए गए दिशा निर्देश का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने महिलाओं पर अत्याचार और अनाचार की घटनाओं को लेकर एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि दुष्कर्म की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि कई मामलों पर रिपोर्ट लिखने में आनाकानी की जाती है और क्षेत्राधिकार में नहीं होने की वजह से रिपोर्ट नहीं लिखी जाती है, जिसको देखते हुए एडवाइजरी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि पीडि़ता किसी पास के थाने में अगर पहुंच रही है, तो चाहे वह किसी भी क्षेत्र का हो, पीडि़ता की शिकायत पर एफआईआर निश्चित रूप से लिखी जाएगी।
सुश्री पाण्डेय ने कहा कि अगर एफआईआर नहीं लिखी गई, तो संबंधित अफसर को दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले अफसरों को दंडित करने का प्रावधान नहीं होता था। इसके साथ ही साथ एफआईआर के केस की जांच दो महीने के समय सीमा में प्रस्तुत करना होगा। रेप की घटना के बाद 24 घंटे के भीतर पीडि़ता की मेडिकल जांच कराना जरूरी होगा।
राज्यसभा सदस्य ने यह भी बताया कि क्षेत्र की अफसरों की ड्यूटी होगी कि वह 24 घंटे के भीतर पीडि़ता का मेडिकल जांच करवाए। यह एडवाइजरी सभी राज्यों में लागू की जानी चाहिए। हाथरस घटना पर मोहन मंडावी के बयान पर सरोज पाण्डेय ने कहा कि उनके बयान में शब्दों का हेरफेर हुआ है। इसलिए उनसे ही इस विषय पर स्पष्टता के साथ पूछा जाना चाहिए।


