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-उत्तरा विदानी
महासमुन्द, 13 अक्टूबर('छत्तीसगढ़') । एक हफ्ते पहले बागबाहरा से एक युवक के साथ गायब हुई एक हिन्दू युवती शादी करके वापस लौट आई है, अपने मुस्लिम पति के साथ। युवती ने एसडीएम के समक्ष यह बयान दिया है कि वह अपनी मर्जी से उस युवक साथ गई थी और उस पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया गया है। वह बालिग है और पति के साथ ही रहना चाहती है।
एएसपी मेघा टेंभुरकर ने मामले की जानकारी दी कि बागबाहरा निवासी एक हिन्दू युवती 6 अक्टूबर को किसी मुस्लिम युवक के साथ चली गई थी। इस मामले को लेकर सोमवार को सर्व समाज समन्वय महासभा की ओर से आक्रोश रैली का आयोजन किया जाना था। लेकिन उसके पहले ही रविवार को युवती को ढूंढ लिया गया और उसे महासमुन्द में गुप्त स्थान में रखा गया। कल सोमवार को एसडीएम के सामने बयान कराया गया। युवक युवती दोनों का बयान हुआ और यह बात सामने आई कि दोनों सहमति से गए थे। इस बात की जानकारी सर्व समाज के पदाधिकारियों की दी गई।
बता दें कि कल इसी मामले को लेकर सर्व समाज की आक्रोश रैली थी। सर्व समाज ने इसे लव जिहाद कहा था। इस रैली के पहले बागबाहरा दुर्गा मंदिर में सर्व समाज समन्वय महासभा की ओर से एक बैठक का आयोजन किया गया। यहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। कुछ दिन पहले भी इस मामले को लेकर बागबाहरा थाने में ज्ञापन सौंपा गया था और इस मामले की कड़ी निंदा की गई थी। युवती के नहीं मिलने पर आक्रोश रैली निकालने से पहले आयोजित सर्व समाज की बैठक में सोमवार की सुबह ही एएसपी मेघा टेंभुरकर बागबाहरा पहुंची। श्रीमती टेम्भुरकर ने दुर्गा मंदिर परिसर में बैठक में शामिल तमाम लोगों को जानकारी दी कि युवती मिल गई है और उसने एसडीएम के सामने बयान भी दे दिया है कि वह अपनी मर्जी से गयी थी और उसने शादी कर ली है, पति के साथ रहना चाहती है।

गौरतलब है कि जिले में हिन्दू और मुसलमानों के बीच विवाद की स्थिति न बने इसके लिए पुलिस ने गुम युवती को पहले ढूंढा और पति के साथ उसे बागबाहरा के बजाय महासमुन्द कोतवाली लाना उचित समझा। चूंकि कल सोमवार को सर्व समाज की आक्रोश रैली थी लिहाजा रैली के ठीक पहले बागबाहरा दुर्गा मंदिर में आयोजित सर्व समाज की बैठक में एडिशनल एसपी मेघा टेम्भुरकर खुद पहुंची और लड़की के वापस आने की जानकारी दी। दूसरी ओर बैठक में शामिल लोगों के महासमुन्द पहुंचने से पहले ही पुलिस ने युवती का बयान एसडीएम से करा लिया। यह मामला बागबाहरा ब्लाक का था इसलिए बागबाहरा एसडीएम को महासमुंद बुलाकर उनके समक्ष युवती का बयान कराया गया। जब तक सर्व समाज के लोग महासमुन्द पहुंचते तब तक युवती वापस अपने पति के साथ अपने ससुराल रवाना हो चुकी थी। शाम तक कोतवाली में सर्व समाज के लोग मौजूद रहे।
इस मामले में साहू समाज एवं सर्व समाज का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने आक्रोश को दबाने के लिये सभा स्थल में प्रशासनिक दादागिरी दिखाते हुये शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन करने से रोका गया। शासन ने भी लव जिहादियों को प्रश्रय दिया है। सात दिनों से गुम युवती को पुलिस प्रशासन ने आनन फानन में रैली वाले दिन बागबाहरा के बजाय महासमुन्द थाने में बुलाया। पुलिस ने युवती के माता पिता को जबरिया बागबाहरा से महासमुन्द थाने लाया। इससे पहले कि युवती के माता पिता कोतवाली महासमुन्द पहुंचते, महासमुन्द एसडीएम कार्यालय में युवती का बयान करा लिया गया। जिला साहू समाज के जिलाध्यक्ष धरम साहू, मुन्ना साहू, खिलावन साहू, राजू साहू, संजीव करमाकर, महेश चन्द्राकर, भरत चन्द्राकर, प्रशांत श्रीवास्तव, जनपद सदस्य दिगविजय साहू, दानेश्वर सिन्हा, चेतन ठाकुर, विनोद यादव ब्लाक अध्यक्ष यादव समाज, अखिलेश लुनिया जिला सह मंत्री विहिप, ईवन साहू जिला संयोजक, मंयक शर्मा बंजरगदल, जितेन्द्र साहू,मनीष साहू, सुमन सेन्द्रे, सहित अनेक लोगों ने महासमुन्द पुलिस की कड़ी निंदा की है।


