ताजा खबर

सुनें एक अफसर की जुबानी, छत्तीसगढ़ जीएसटी किस तरह मनमानी करता है...
11-Oct-2020 6:07 PM
सुनें एक अफसर की जुबानी, छत्तीसगढ़ जीएसटी किस तरह मनमानी करता है...

झारिया के इस्तीफे को सुलझाने में उतरे सिंहदेव, कुछ ऑडियो भी तैर रहे...

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 11 अक्टूबर। महिला जीएसटी कमिश्नर की बुरी फटकार से दुखी एडिशनल कमिश्नर केआर झारिया के वीआरएस आवेदन देने का मामला तूल पकड़ लिया है। इस सिलसिले में रविवार को जीएसटी मंत्री टीएस सिंहदेव ने विवाद सुलझाने विभाग के आला अफसरों से चर्चा भी की है। यह बात उभरकर सामने आ रही है कि झारिया द्वारा कुछ कारोबारियों पर बेवजह कार्रवाई की गई थी। यह सब वे उच्चस्तरीय दबाव के चलते करने के लिए मजबूर थे, इसका एक ऑडियो भी वायरल हुआ है।

एक बड़े अफसर के इस्तीफे के पीछे की जो वजहें चर्चा में हैं, उनमें से एक वजह विभाग की कारोबारियों पर मनमानी कार्रवाई भी है। 

राज्य का जीएसटी किस मनमाने अंदाज में काम कर रहा है इसका एक नमूना एक टेलीफोन कॉल की शक्ल में सामने आया है। अभी हम इसकी पुष्टि तो नहीं कर पाए हैं, लेकिन इसमें कोई महिला जीएसटी अधिकारी किसी टैक्स सलाहकार से बात कर रही है, और अधिकारी के पास हर सवाल का बस एक जवाब है कि उसने ऊपर के आदेश पर यह किया है। इस टेलीफोन रिकॉर्डिंग को सुनें तो यह अधिकारी बार-बार यह मान रही है कि कार्रवाई करने के पहले वह खुद असमंजस में थी, और कार्रवाई सही नहीं हुई है, लेकिन हर बात पर वह ऊपर के आदेश का हवाला दे रही है जो कि जुबानी है।

 
‘छत्तीसगढ़’ इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन यह ऑडियो विभागीय कामकाज के तौर-तरीकों को बता रहा है। वायरल ऑडियो में दुर्ग के एक दवा कारोबारी और जिले की महिला अफसर के बीच बातचीत है। जिसमें दवा व्यापारी बोगस बिलिंग के नाम पर गलत तरीके से विभाग के लोगों पर आईटीसी कोड ब्लॉक करने की तोहमत लगा रहे हैं। ऑडियो में विभाग की एक महिला अफसर यह मान भी रही हैं, कि कारोबारी पर बिना वजह कार्रवाई हुई है। वे यह साफ तौर पर कह रही हैं कि यह कार्रवाई सब मुख्यालय के आदेशों पर हुआ है। 

यह भी बताया गया कि झारिया द्वारा करापवंचन का कोई आधार नहीं होने के बावजूद बिना नोटिस के कार्रवाई की गई। चर्चा है कि झारिया को कहीं और से निर्देश मिल रहे थे, जबकि जीएसटी कमिश्नर इससे अनभिज्ञ रही हैं। कम से कम प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों को देखने से  तो यही लगता है। इसके चलते ही रानू साहू एडिशनल कमिश्नर झारिया पर बिफर पड़ीं। चर्चा यह भी है कि प्रमुख सचिव डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी, व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सक्रिय रहीं हैं। और एडिशनल कमिश्नर उन्हें ही रिपोर्ट कर रहे थे।
 
हल्ला यह भी है कि झारिया पर लगातार कार्रवाई के लिए दबाव था। विभाग के उच्चाधिकारियों के कामकाज के अलग-अलग तौर तरीकों से काफी परेशान भी रहे हैं। वायरल ऑडियो और कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों  को लेकर श्री झारिया से चर्चा की कोशिश की गई किन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उनका दोनों मोबाइल नंबर बंद था। रानू साहू से भी  संपर्क नहीं हो पाया।
 
जीएसटी मंत्री श्री सिंहदेव ने प्रकरण पर हस्तक्षेप किया है और उन्होंने वीआरएस नामंजूर करने के लिए कह दिया है। बावजूद इसके मामला सुलझता नहीं दिख रहा है। झारिया प्रकरण और विभाग के सीनियर अफसरों के बीच आपसी खींचतान से विभाग के बाकी अफसर कर्मी नाखुश हैं, और कहा जा रहा है कि वे आंदोलन का रूख अपना सकते हैं। 


अन्य पोस्ट