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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 11 अक्टूबर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को लोकवाणी में ‘नवा छत्तीसगढ़ हमर विकास-मोर कहानी’ विषय पर अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को न्याय, स्वाभिमान और स्वावलंबन की जिंदगी देना राज्य सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए राज्य सरकार ने धान का दाम 25 सौ रुपये क्विंटल, कृषि ऋण माफी, सिंचाई कर माफी, रियायती बिजली, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के किसानों को खेती के लिए नि:शुल्क बिजली जैसी योजनाएं लागू की, ताकि किसानों के चेहरे पर मुस्कुराहट लौट आए।
श्री बघेल ने रेडियो वार्ता में नयी सरकार द्वारा पौने दो वर्ष में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीणों-किसानों की आय में वृद्धि, छत्तीसगढ़ी संस्कृति को प्रोत्साहन के लिए लागू की गयी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। लोकवाणी में रेडियो श्रोताओं ने राज्य सरकार की योजनाओं की मुक्तकंठ से सराहना की। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ संजीवनी बूटी साबित हो रही है। बिलासपुर के तिफरा के राजेन्द्र कुमार सोनी ने लोकवाणी के माध्यम से बताया कि उनके 8 वर्षीय पुत्र कुणाल सोनी को ब्लड कैंसर के इलाज के लिए ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ से 20 लाख रुपए की सहायता मिली, जिससे उनके पुत्र का बोन मेरो ट्रांसप्लांट हो गया है।
इसी तरह जिला जांजगीर-चांपा की तहसील जैजेपुर के ग्राम बेथिया के अजीत कुमार जांगड़े ने बताया की उनके 14 वर्षीय पुत्र लक्की जांगड़े को मेजर थैलेसिमिया नाम की बीमारी हो गयी है। इसी योजना से मिली 14 लाख रुपए की सहायता से उनके पुत्र का बोन मेरो ट्रांसप्लांट हो गया है। श्री सोनी और श्री जांगड़े ने अपने पुत्र का इलाज सीएमसी हॉस्पिटल वेल्लोर में कराया। दोनों ने ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ से मिली सहायता के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री ने बड़ी ही विनम्रता के साथ इस संबंध में कहा कि निश्चित तौर पर संवेदना के स्तर पर मैं ऐसे हर परिवार के साथ जुड़ा हूं जिन्हें इलाज के लिए मदद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कृपया कोई यह न समझे कि हमने किसी पर कोई उपकार किया है। यह सुविधा मिलना आपका हक था जो हमने आपको आदर, विनम्रता और गरिमा के साथ दिया है। श्री बघेल ने कहा कि ‘डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना’ के अंतर्गत 9 माह में 2 लाख 71 हजार लोगों को 50 हजार रुपए तक इलाज की सुविधा नि:शुल्क दी गई है। हाट-बाजार क्लीनिक योजना, शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की अपार सफलता और लाखों लोगों के उपचार से प्रेरित होकर अब ‘डॉ. राधाबाई डायग्नोस्टिक सेंटर योजना’ की शुरुआत की जा रही है।
दन्तेवाड़ा में बनेगा मल्टीस्किल सेंटर
लोहाण्डीगुड़ा में आदिवासी किसानों की जमीन वापसी से उपजा उत्साह प्रदेश में 200 फूड पार्क स्थापित करने का माध्यम बन गया। 101 फूडपार्क के लिए जमीन चिन्हांकित हो चुकी है। जेल में बंद करीब 900 आदिवासियों की मुक्ति सुनिश्चित की गई है। अब तो आमचो बस्तर की धमक भी सुनाई पड़ रही है।
इमली, हल्दी, काजू, कॉफी को आप लोगों ने बस्तर ब्रांड बना दिया है। हम बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना बनाएंगे और इंद्रावती नदी को बचाएंगे। भोपालपटनम में बांस आधारित कारखाना लगाएंगे। कोंडागांव में मक्का प्रसंस्करण करेंगे। दन्तेवाड़ा में मल्टीस्किल सेंटर स्थापित करेंगे। बस्तर कुपोषण मुक्त होगा, मलेरिया मुक्त होगा और हर तरह के अन्यायों से भी मुक्त होगा, यह वायदा है। नारायणपुर में उच्च क्षमता का ‘मोबाइल-टॉवर’ और जगदलपुर से हैदराबाद-रायपुर की हवाई कनेक्टिविटी से हालात और तेजी से बदलेंगे। अब बदलता हुआ बस्तर सब के सामने है और आप लोगों की आवाजों की चहक, इसका सबसे बड़ा प्रमाण है।
सीएम ने कोरोना काल में पढ़ा रहे शिक्षकों को दिया साधुवाद
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने लोकवाणी के माध्यम से बच्चों को कोरोना काल में नवाचारों के जरिए शिक्षा दे रहे समस्त शिक्षकों और शिक्षिकाओं को साधुवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सरकार ने 14 हजार 850 स्थाई शिक्षकों की भर्ती, पहिली तथा दूसरी कक्षा के बच्चों को 20 बोली-भाषाओं में द्विभाषी पाठ्यपुस्तकों का वितरण, स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मिडियम स्कूल योजना के तहत 51 सरकारी आदर्श अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोलने जैसे बड़े निर्णय लिए। शिक्षाकर्मियों का संविलियन 2 वर्षों में पूरा करने का वायदा भी निभाया है।
श्री बघेल ने कहा कि कोरोना संकट काल में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पहले ‘पढ़ाई तुंहर द्वार’ योजना शुरू की। जिसमें 22 लाख बच्चे और 2 लाख शिक्षक-शिक्षिकाएं जुड़े। जहां इंटरनेट कनेक्टीविटी को लेकर समस्याएं आईं तो ‘पढ़ाई तुंहर पारा’ योजना शुरू की। इस योजना में 22 हजार 916 शिक्षकों द्वारा 34 हजार 917 बसाहटों के पारे मोहल्लों में कक्षायें संचालित की जा रही है। पारा-मोहल्ला में पढ़ाने वाले शिक्षकों को मिस्डकॉल गुरुजी, मोटरसायकल पर सिनेमा वाले बाबू जैसे नामों से लोकप्रियता मिल रही है।


