ताजा खबर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 10 अक्टूबर। जीएसटी कमिश्नर की बुरी फटकार से दुखी एडिशनल कमिश्नर केआर झारिया ने नौकरी छोड़ दी है। उन्होंने विधिवत वीआरएस के लिए विभाग में आवेदन दे दिया है। इससे विभाग में हडक़ंप मचा हुआ है।
बताया गया कि जीएसटी कमिश्नर सुश्री रानू साहू ने एडिशनल कमिश्नर केआर झारिया को बुरी तरह लताड़ लगाई थी। इसके बाद से वे आहत महसूस कर रहे थे। हुआ यूं कि जीएसटी कमिश्नर ने कुछ काम सौंपे थे, उन्हें तत्काल करने के लिए कहा। इसी बीच प्रमुख सचिव डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी का फोन आ गया, और सारा काम छोडक़र उन्हें एक फाइल निपटाने के लिए कहा।
कहा जा रहा है कि झारिया ने प्रमुख सचिव द्वारा सौंपे गए कार्यों की जानकारी जीएसटी कमिश्नर को दी, तो वे बुरी तरह उखड़ गईं और एडिशनल कमिश्नर को खूब खरी खोटी सुनाई। जीएसटी कमिश्नर के शब्दों से झारिया इतने दुखी हुए कि शुक्रवार को उन्होंने विधिवत वीआरएस के लिए आवेदन दे दिया और घर चले आए, जबकि उनके रिटायरमेंट में दो साल बाकी हैं। श्री झारिया ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में सिर्फ इतना ही कहा कि ऑफिस का माहौल अब काम करने लायक नहीं रह गया है। वे शांतिपूर्वक रिटायरमेंट चाहते हैं।
उन्होंने इससे आगे कुछ कहने से मना कर दिया और कहा कि अभी उनका वीआरएस स्वीकृत नहीं हुआ है। इसलिए अभी कुछ नहीं कहेंगे। जीएसटी कमिश्नर से विवाद पर भी कुछ भी कहने से मना कर दिया। झारिया की गिनती सरल और सीधे स्वभाव के अफसरों में होती है। विभाग में इसको लेकर काफी चर्चा है। एडिशनल कमिश्नर के वीआरएस आवेदन पर विभाग की प्रमुख सचिव डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में इस पर अनभिज्ञता जताई। जहां तक उनकी जानकारी है कि एडिशनल कमिश्नर झारिया अभी क्वॉरंटीन हैं। बाकी जानकारी जीएसटी कमिश्नर ही दे सकती हैं। वाणिज्यकर कमिश्नर रानू साहू से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई किन्तु उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।
जीएसटी मंत्री टीएस सिंहदेव के एक कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पाया। दूसरी तरफ, यह चर्चा है कि प्रमुख सचिव डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी और जीएसटी कमिश्नर रानू साहू के बीच आपस में तालमेल नहीं बैठ रहा है। जिसका खामियाजा निचले स्तर के अफसरों को उठाना पड़ रहा है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि विभाग के सीनियर अफसरों के बीच चल रही खींचतान की जानकारी जीएसटी मंत्री टीएस सिंहदेव को भी है, लेकिन उन्होंने इस दिशा में कोई हस्तक्षेप नहीं किया। इसको लेकर विभाग के लोगों में नाराजगी है।


