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स्टील उद्योग लगाने पर मिलेगा पैकेज, कैबिनेट में फैसला
08-Oct-2020 5:07 PM
स्टील उद्योग लगाने पर मिलेगा पैकेज, कैबिनेट में फैसला

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 अक्टूबर।
सरकार ने स्टील के क्षेत्र में निवेश करने पर विशेष पैकेज देने का ऐलान किया है। साथ ही साथ बंद पड़ी इकाईयों से भूखंड का आधिपत्य वापस लेकर नए आवेदकों को देने का फैसला लिया गया है।
 
 यह फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया गया। बैठक में छत्तीसगढ राज्य औषधि पादप बोर्ड का नाम परिवर्तन कर छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नाम से पुर्नगठित किया गया। इसी तरह छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन (अपील एवं अन्य प्रावधान) प्रस्ताव  का अनुमोदन किया गया। इससे अतिशेष भूखंडों निरस्त भूखंडों और बंद पड़ी इकाईयों से भूखंड का आधिपत्य वापस प्राप्त कर नए आवेदकों को आबंटन किया जा सकेगा। अर्थात पट्टे पर आबंटित औद्योगिक भूमि का उपयोग न हो पाने के प्रकरणों में भूमि के हस्तांतरण को आसान किया गया है। 

बैठक में औद्योगिक नीति 2019 -24 के तहत  बायोएथनाल हेतु एमओयू हस्ताक्षरित कर 6 माह के अंदर ईकाई के उत्पादन में आने पर विशेष अर्ली बर्ड इंशेटिव देने के प्रावधान किया गया था। मंत्री परिषद ने 6 माह के स्थान पर 18 माह के अंदर इकाई के उत्पादन में आना प्रतिस्थापित किए जाने का निर्णय लिया।  उद्योगों को लीज पर दी गई भूमि में उद्योग लगाने के लिए निर्धारित अवधि में एक वर्ष की वृद्धि की गई। औद्योगिक नीति 2019-24 में सशोधन करने का अनुमोदन किया गया। औद्योगिक नीति 2019-24 में अनुसूचित जनजाति-जाति वर्ग तथा स्टार्टअप के लिए स्पेशल पैकेज घोषित किया गया है। सूक्ष्म उद्योगों के साथ- साथ लघु एवं मध्यम उद्योगों को भी स्थाई पूंजी निवेश अनुदान की सुविधा मिलेगी। कोर सेक्टर के उद्योगों को पूरे राज्य में विद्युत छूट की पात्रता दी गई है। 

छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत इस्पात (स्पंज आयरन एण्ड स्टील) क्षेत्र के मेगा-अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट में निवेश हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया। मेगा निवेशकों के लिए घोषित किए गए पैकेज में अधितम 500 करोड़ रूपए तक का निवेश प्रोत्साहन (बस्तर संभाग हेतु 1000 करोड़ तक) मान्य होगा। प्रस्तावित इकाईयों के लिए 31 अक्टूबर 2024 को अथवा उसके पूर्व व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ करना जरूरी होगा। 100 करोड़ रूपए का स्थाई पूंजी निवेश मद में निवेश कर व्यावसायिक उत्पादन आरंभ करने वाली नवीन इकाईयों को आर्थिक निवेश प्रोत्साहन तभी प्राप्त होगा। 


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