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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 6 अक्टूबर। दक्षिण बस्तर क्षेत्र के माओवादी संगठन में निर्दोष ग्रामीणों की हत्याओं को लेकर हो रही आपसी मतभेद में नक्सली खुद एक-दूसरे को मार रहे हैं।
बस्तर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार निर्दोष ग्रामीणों पर हो रहे अत्याचार को लेकर आपसी विवाद में पश्चिम बस्तर डिवीजन (जिला बीजापुर) में अब तक 6 माओवादियों की सितम्बर एवं अक्टूबर में हत्या हुई है।
पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. द्वारा बताया गया कि सिर्फ आतंक के सहारे पर चलने वाले माओवादी संगठन खात्मा का प्रमुख कारण आपसी गैंगवार होगा।
निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की माओवादी द्वारा की गई हत्या के हो रहे चौतरफा विरोध के कारण विचलित हो गए हैं माओवादी संगठन। दिशाविहीन एवं नेतृत्वविहीन हो रहे माओवादी संगठन में गैंगवार जैसा माहौल शुरू हो गई ।
बस्तर पुलिस के पास विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार विगत 4-5 दिन पूर्व नक्सलियों ने ग्राम ईतावर के जंगल में गंगालूर एरिया कमेटी के सचिव दिनेश मोडिय़म निवासी पेद्दाकोरमा थाना बीजापुर और गंगालूर एरिया कमेटी के डीवीसी मोडिय़म विज्जा निवासी मनकेली (थाना बीजापुर) के बीच विवाद हो गया था। माओवादी कमाण्डर दिनेश मोडिय़म एवं मोडिय़म विज्जा एक-दूसरे के ऊपर हमला किया जिसमें मोडिय़म विज्जा की हत्या की गई थी।
दक्षिण बस्तर क्षेत्र के माओवादी संगठन में निर्दोष ग्रामीणों की हत्याओं को लेकर हो रही आपसी मतभेद में विगत 1 महीने में (सितम्बर एवं अक्टूबर) जिला बीजापुर में अपने संगठन के 6 लोगों को मार डाला। जिसका विवरण निम्नानुसार है:-
1.डीवीसी मोडिय़म विज्जा-पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी सदस्य, निवासी कमकेली जिला बीजापुर (रूपये 10 लाख ईनामी नक्सली)
2. लखु हेमला-माओवादी जनताना प्रभारी, साकिन पीडिय़ा थाना गंगालूर जिला बीजापुर (रूपये 3 लाख ईनामी नक्सली)
3.संतोष-डीएकएमएस रेंज कमेटी अध्यक्ष, साकिन कावनारगट्टा जिला बीजापुर (रूपये 3 लाख ईनामी नक्सली)
4.कमलू पुनेम-जनमिलिशिया कमाण्डर, पीडिय़ा क्षेत्र थाना गंगालूर जिला बीजापुर (रूपये 1 लाख ईनामी नक्सली)
5.संदीप उर्फ बुधराम कुरसम- जनमिलिशिया प्लाटून सेक्शन कमाण्डर, साकिन सावनार जिला बीजापुर (रूपये 1 लाख ईनामी नक्सली)
6.दसरू मण्डावी-जनताना सरकार अध्यक्ष, साकिन-डोडी तुमनार जिला बीजापुर (रूपये 1 लाख ईनामी नक्सली)
पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. ने कहा कि निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की माओवादियों द्वारा की गई हत्याओं के चौतरफा विरोध के कारण से आपसी मतभेद में एक-दूसरे की हत्या करने वाले माओवादी संगठन का खात्मा बहुत जल्द होगा।


