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आज 2600 से ज्यादा दल डोर-टू-डोर सर्वे शुरू करेंगे
- राजेश अग्रवाल
बिलासपुर, 5 अक्टूबर। कई दिनों से 150 के करीब आ रहे नये कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच बीते 24 घंटे में 110 नये मामले ही सामने आये। इनमें 90 शहर से और बाकी 20 ग्रामीण क्षेत्र से हैं। इस बीच जिले के पांच मरीजों व एक कोरबा के मरीज की मौत भी हो गई।
जिले में अब तक 9054 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं, जिनमें से 7240 स्वस्थ हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंकड़ों के मुताबिक 41 मरीजों की सिम्स में तथा 23 की कोविड हॉस्पिटल में मौत हुई है। कोविड अस्पताल में 24 ऐसे मरीजों की भी मौत हुई है जो दूसरे जिलों से यहां लाकर भर्ती कराये गये थे। 32 की जान निजी अस्पतालों में हुई है। इसके अलावा अन्य मरीजों की रायपुर एम्स या अन्य चिकित्सालयों में हुई। कुछ मरीजों की मौत घर पर ही आइसोलेशन के दौरान हो गई। अन्य मरीजों की मौत के बाद उनके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। कोविड अस्पताल व निजी अस्पतालों में अब 163 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें से 118 बिलासपुर जिले के हैं।
रविवार को जस्टिस रजनी दुबे के एक कर्मचारी में कोरोना का लक्षण दिखने पर टेस्ट कराया गया तो बाकी स्टाफ का भी सैम्पल लिया गया। उनके बंगले के कुल 9 स्टाफ कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। हाईकोर्ट परिसर व आवासीय परिसर को मिलाकर अब तक करीब 100 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट आवासीय परिसर, सीआरपीएफ, पुलिस लाइन व वन विभाग के कर्मचारी भी कोरोना संक्रमित पाये गये हैं।
आज से घर-घर सर्वे, 2647 दलों का गठन
कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की पहचान और संक्रमण से बचाव के लिये 5 अक्टूबर से पूरे जिले में सर्वेक्षण अभियान शुरू किया गया है जो 12 अक्टूबर तक चलेगा। इसके लिये 2647 दलों का गठन भी किया गया है। इनमें मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा पंचायतों के कर्मचारी शामिल किये गये हैं। इस दौरान जिन लोगों में कोरोना के लक्षण मिलेंगे उनका टेस्ट कराया जायेगा और रिपोर्ट पॉजिटिव पाये जाने पर इलाज शुरू किया जायेगा। सर्वेक्षण के दौरान बच्चों, गर्भवती महिलाओं और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की सेहत के बारे में विशेष रूप से जानकारी ली जायेगी। इस दौरान कोरोना के बाद स्वस्थ हो चुके मरीजों की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली जायेगी। ज्ञात हो कि बिलासपुर शहर में कोरोना संक्रमण के शुरूआती दौर में अप्रैल-मई में भी इसी तरह से एक सर्वेक्षण कराया गया था जिसके नतीजे अच्छे मिले थे।
कोरोना मरीज ने डॉक्टर को धमकाया
होम आइसोलेशन में पाबंदियों के उल्लंघन करने वाले मरीज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों से उलझ रहे हैं और उनके साथ अभद्रता कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले की शिकायत सरकंडा ने में की गई है। 26 सितम्बर को सीपत चौक निवासी एक 19 वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। उसे अभी 10 दिन आइसोलेशन पर रहना था, इसके बाद 7 दिन तक क्वारांटीन में भी रहना था। इस दौरान किसी भी आने जाने, मिलने की मनाही थी। स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली कि मरीज के घर लोगों का आना-जाना हो रहा है और वह कई लोगों से मिल रहा है। इस पर डॉ. एएल गुप्ता ने मरीज को मोबाइल पर फोन कर नियमों का पालन करने की हिदायत दी। इस पर मरीज ने डॉक्टर के साथ अपशब्दों का प्रयोग किया। डॉक्टर की शिकायत पर सरकंडा पुलिस जांच कर रही है और अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।


