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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 3 सितंबर। राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम के गृह जिले बलरामपुर की भाजपा कार्यकारिणी की सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बताया गया कि सूची को प्रदेश अध्यक्ष की मंजूरी ही नहीं मिली है, और जिलाध्यक्ष ने श्री नेताम की सहमति लेकर सूची जारी कर दी है।
प्रदेश भाजपाध्यक्ष विष्णुदेव साय ने ‘छत्तीसगढ़’ से बलरामपुर जिले की कार्यकारिणी पर कहा कि अभी तक प्रदेश संगठन को जिले की कार्यकारिणी की सूची नहीं मिली है। सूची देखने के बाद ही सबकी सहमति से जारी की जाएगी। दूसरी तरफ, बलरामपुर जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मिश्रा ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि सूची जारी कर दी गई है। प्रदेश संगठन से अनुमोदन मिल जाता है। उन्होंने कहा कि सूची प्रदेश संगठन को भेज दी जाएगी।
मिश्रा, राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम के समर्थक हैं। आरएसएस ने पहले ओमप्रकाश जायसवाल को अध्यक्ष बनाने का सुझाव दिया था, लेकिन नेताम की सिफारिश पर जायसवाल को महामंत्री बनाया गया। कार्यकारिणी में सारे नाम नेताम ने ही तैयार किए हैं। चर्चा है कि नेताम के एक समर्थक शिवनाथ यादव, मिश्रा को साथ लेकर उनके गृहग्राम सनावल गए थे। सूची पहले से ही तैयार थी और नेताम के कहने पर गोपाल मिश्रा ने हस्ताक्षर कर दिए। जिले में आधा दर्जन उपाध्यक्ष, दो महामंत्री और आधा दर्जन मंत्री बनाए गए हैं। गौतम सिंह को कार्यालय मंत्री, धर्मेन्द्र दुबे को मीडिया प्रभारी और दिवाकर मुखर्जी को सह मीडिया प्रभारी बनाया गया है।
जिला कार्यसमिति में 45 सदस्य हैं। रामविचार नेताम, रेणुका सिंह, रामसेवक पैकरा, सिद्धनाथ पैकरा, रामकिशुन सिंह, आरके पटेल, शिवनाथ यादव, अनूप तिवारी और उमेश्वर ओझा स्थाई आमंत्रित सदस्य हैं। रामविचार नेताम की पत्नी पुष्पा नेताम समेत 20 लोगों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में जगह दी गई है। सूची को लेकर रामविचार नेताम की विरोधियों ने प्रदेश संगठन में इसकी शिकायत भी की है। बहरहाल, बिना सहमति के सूची जारी करने को लेकर पार्टी में अंदरूनी लड़ाई बढ़ सकती है।





