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नई दिल्ली, 1 अगस्त। भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 84 साल की उम्र में सोमवार की शाम निधन हो गया। मंगलवार यानी आज उनका राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाना है यहां उन्हें सैन्य विदाई दी जाएगी। पूर्व राष्ट्रपति की इसी महीने ब्रेन सर्जरी हुई थी। वहीं वो कोरोनावायरस से भी पीडि़त थे। उनके निधन के बाद केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों ने सात दिनों के आधिकारिक शोक दिवस की घोषणा की है।
प्रणब मुखर्जी के पार्थिव शरीर को 10 राजाजी मार्ग, दिल्ली के उनके आावास पर लाया गया था, जहां लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पूर्व राष्ट्रपति के आवास पर पहुंचे और उन्होंने यहां उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
रक्षा मंत्रालय ने सोमवार की शाम को एक बयान जारी कर अंतिम संस्कार के दौरान के कार्यक्रम की जानकारी दी थी। इसमें बताया गया था कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के चलते पूर्व राष्ट्रपति के पार्थिव शरीर को गन कैरिज के बजाय हर्स वैन यानी शव वाहन में ले जाया जाएगा। अंतिम संस्कार लोधी रोड के शवदाहगृह पर होगा।
बयान में कहा गया है कि उनके सम्मान के लिए 31 अगस्त से 6 सितंबर तक राजकीय शोक दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को देशभर में नियमित रूप से जिन भवनों पर फहराया जाता है, वहां इसे आधा झुकाकर रखा जाएगा और कहीं भी आधिकारिक तौर पर कोई जश्न का कार्यक्रम नहीं होगा।


