ताजा खबर

रेप-आरोपी डीएमई को हटाने का आदेश अब तक जारी नहीं, पीडि़ता थाने पहुंची
24-Aug-2020 2:45 PM
रेप-आरोपी डीएमई को हटाने का आदेश अब तक जारी नहीं, पीडि़ता थाने पहुंची

शिकायतकर्ता महिला बीच में। तस्वीर / छत्तीसगढ़ अखबार


‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 अगस्त।
रेप के आरोपी राज्य मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर डॉ. एसएल आदिले को हटाने का आदेश अभी तक जारी नहीं हो पाया है। जबकि पीडि़त महिला संविदा कर्मी सोमवार को डॉ. आदिले के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने महिला थाने पहुंची। डॉ. आदिले के खिलाफ कार्रवाई देरी पर राज्य वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय ने सरकार पर आरोप लगाया है।

श्री पांडेय ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने रेप के आरोपी डॉ. आदिले को हटाने की घोषणा तो कर दी, लेकिन विधिवत आदेश अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. आदिले के खिलाफ संगीन आरोप रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें जुर्माना लगाया था, लेकिन भ्रष्टाचार और अन्य आरोप प्रमाणित होने के बावजूद राज्य सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पांडेय ने यह भी कहा कि पिछली और वर्तमान सरकार, दोनों ही आदिले को बचाने की कोशिश में जुटी हुई है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर संविदा नियमों के खिलाफ उन्हें संविदा नियुक्ति दी है। 

दूसरी तरफ, आदेश को लेकर अभी तक असमंजस की स्थिति है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डॉ. आदिले की सेवाएं समाप्त करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। वे अभी भी काम कर रहे हैं। इससे पहले कांकेर की रहने वाली युवती संविदा पर डीकेएस अस्पताल में है कार्यरत परमानेंट नियुक्ति का झांसा देकर दुष्कर्म करने का लगाया है। पीडि़त महिला सोमवार को महिला थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंची। समाचार लिखे जाने तक महिला का बयान भी दर्ज किया जा रहा था।
 
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने मीडिया से चर्चा में कहा था कि डॉ. आदिले का चार्ज दूसरे को देने को कहा गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा उनके खिलाफ कई शिकायतें सामने आई है। इसमें अभियोजन के लिए विधि विभाग से पत्र आया था, उसमें अनुमति दे दी गई है। डॉ. आदिले के खिलाफ खरीदी बिक्री में 95 लाख को गड़बड़ी जांच में सामने आई है, उसके बाद आज एक और मामला आ गया है। इस तरह शिकायत आने के कारण उन्हें मुक्त करने को कहा था।


अन्य पोस्ट