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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायगढ़, 15 अगस्त।एक ओर पूरे भारत में भारत की आजादी का 74 वां पर्व धुमधाम से मनाया जा रहा है वहीं छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक महिला अधिकारी अपने साथ हो रहे सौतेले व्यवहार को लेकर इंसाफ मांगने अधिकारियों से लड़ रही है। चिल्ला चिल्ला कर वह अपनी नौकरी से आजादी, अपने साथ होने वाले व्यवहार में इंसाफ दिलाने की मांग करते हुए जमकर बिफर जाती है।इस दौरान वो पुलिस को भी आड़े हाथों लेती हैं और जिले के कलेक्टर भीम सिंह को भी खरी खोटी सुनाने से नहीं चूकती।समारोह स्थल पर संसदीय सचिव के अलावा कई नेता, अधिकारियों के सामने हुए इस महिला अधिकारी के हंगामे को देखते रहते हैं, आखिर उसे पुलिस धक्के मारते हुए थाने ले गई।
उसकी गिरफतारी के बाद भी ना कलेक्टर कुछ बता रहे हैं और ना कोई पुलिस अधिकारी जानकारी दे रहे हैं।
महिला सब इंजीनियर जो कुछ माह पहले जिले के बरमकेला जनपद पंचायत में सुब इंजीनियर के पद पर पदस्थ थी, ने आरोप लगाया था कि वहां के एक कांग्रेस नेता अरुण शर्मा ने उसके काम में बेवजह का हस्तक्षेप करते हैं और उसके साथ बदतमीजी करते हैं। मामला पुलिस तक पहुंचा और मामले में FIR भी दर्ज हुई लेकिन उस सब इंजीनियर पर भी एक मामला दर्ज किया गया,जिसमें उस पर अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम की भी धारा लगाई गई है।
शनिवार की रात में महिला ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि वो अब अपने नौकरी से इस्तीफा दे देगी। वह नौकरी नहीं करेगी क्योंकि यहां महिलाओं की कोई इज्जत ही नहीं करता और न ही कोई महिलाओं का यहां सुनने वाला है। इसके बाद सुबह वह मिनी स्टेडियम पहुंची जहां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा था और वहां पहुंचकर जोर-जोर से चीखने चिल्लाने लगी।
जब महिला इंजीनियर सोनल जैन ने कांग्रेस नेता पर आरोप लगाया था उस समय पुलिस ने उसके आरोप के अनुसार FIR की थी, लेकिन सोनल का कहना था कि उसने जो बताया है उस हिसाब से धाराएं नहीं लगाई गई। पुलिस ने उस समय कहा था कि उसके बयान के अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने यह भी कहा था कि सोनल के आरोप के समर्थन में कोई गवाही या साक्ष्य नहीं मिल रहा है।
बहरहाल इस मुद्दे ने फिर से एक बार सुर्खियां बटोरी है। उसके फेसबुक पोस्ट और कई मीडिया को भेजे गए संदेश से यह लगता है कि वह बहुत ज्यादा नर्वस थी और उसने ऐसा कदम उठाया है।


