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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 14 अगस्त। मरवाही के पूर्व विधायक अमित जोगी ने अपनी जाति की जांच के लिए कलेक्टर द्वारा बनाई गई छानबीन समिति पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने समिति के गठन को विधि विरूद्ध करार दिया और इसके खिलाफ अदालत में जाने की बात कही है। गौर करने लायक बात यह है कि समिति ने 10 जुलाई को पूर्व विधायक को नोटिस देकर उपस्थित रहने के लिए कहा था।
पूर्व विधायक ने क्वारंटीन में होने का कारण बताकर समिति के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर डोमन सिंह ने एडिशनल कलेक्टर अजीत बसंत की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। आदिवासी नेता संतकुमार नेताम ने कलेक्टर को शिकायत कर अमित जोगी का जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने की मांग की थी।
नेताम ने सरकार की छानबीन समिति के समक्ष भी शिकायत की थी। बताया गया कि अमित ने राज्यपाल के हस्ताक्षर से कमेटी के गठन की अधिसूचना जारी नहीं करने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इसके खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है।
उन्होंने ट्वीट किया कि संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध लोग राजनीतिक दबाव में न आकर निष्पक्षता और निडरता से अपना काम करें। अमित ने सवाल उठाया कि किसके दबाव में कलेक्टर ने अवैधानिक समिति के गठन के गैर-कानूनी आदेश पारित किए?
जब समिति का गठन ही नहीं हुआ था, तो शिकायतकर्ताओं ने किसके समक्ष शिकायत की? समिति में 6 की जगह पहले 4 और फिर 5 सदस्य ही क्यों शामिल किए गए?


