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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 14 अगस्त। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मनी लांड्रिंग केस में हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आईएएस आलोक शुक्ला व आईएएस अनिल टुटेजा की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
हाईकोर्ट की जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की एकल पीठ ने यह फैसला दिया है। ईडी की तरफ से अधिवक्ता डॉ. सौरभ पांडेय और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल गोपा कुमार ने अपना पक्ष रखा था। जबकि आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा की तरफ से अधिवक्ता अविनिंदर सिंह, अधिवक्ता आयुष भाटिया और अधिवक्ता आदित्य तिवारी ने पैरवी की थी।
हाईकोर्ट में 14 जुलाई को दोनों पक्षों की ओर से सुनवाई पूर्ण हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया था। शुक्रवार को कोर्ट ने दोनों अफसरों की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली। नान प्रकरण में पहले ही दोनों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि दोनों आरोपी अफसरों के खिलाफ कोई भी प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला है, जिसके वजह से अग्रिम जमानत दिया जाना उचित होगा। रायपुर के प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग का मामला जनवरी, 2019 मेें दर्ज किया गया था जबकि एन्टी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा, रायपुर द्वारा वर्ष 2015 में पंजीकृत अपराध से उत्पन्न हुआ है।


