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घर छोडक़र गए राजस्थानी कांग्रेसी विधायकों से बातचीत के बारे में कांग्रेस का कहना है कि...
04-Aug-2020 5:06 PM
घर छोडक़र गए राजस्थानी कांग्रेसी विधायकों से बातचीत के बारे में कांग्रेस का कहना है कि...

‘छत्तीसगढ़’ न्यूज डेस्क
नई दिल्ली, 4 अगस्त।
राम मंदिर भूमिपूजन के मौके पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का एक बयान जारी करने के साथ-साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कुछ और मुद्दों पर सवालों के जवाब भी दिए। 

एक प्रश्न पर कि राजस्थान में जो बागी विधायक हैं, क्या उनके लिए दरवाजे बंद हो चुके हैं या कांग्रेस के प्रयास जारी है,  कहा कि ये कल भी हमने जवाब दिया और कहा कि सबसे पहले वो वार्तालाप करें और उसके करने के लिए पहली शर्त है कि भारतीय जनता पार्टी की आवभगत, मेहमान नवाजी छोड़ें, मनोहरलाल खट्टर जी की भारतीय जनता पार्टी की हरियाणा सरकार का सुरक्षा चक्र छोड़ें, हरियाणा में तो आए दिन, मासूम बच्चों की हत्या हो रही है, उसके लिए तो पुलिस उपलब्ध नहीं, गैंगरेप हो रहे हैं, बलात्कार हो रहे हैं, लोगों को गुडग़ांव में सरेराह पीटा जा रहा है, उसके लिए तो पुलिस उपलब्ध नहीं, परंतु इन 19 विधायकों की सुरक्षा के लिए सैंकड़ों, एक हजार के करीब, पुलिसकर्मी, जो लगाए गए हैं, भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस पार्टी के नाराज विधायकों को जो सुरक्षा दे रही है, उसके क्या मायने हैं? इसलिए पहले भाजपा की आवभगत छोड़ें, पहले भारतीय जनता पार्टी से मित्रता तोड़ें, पहले भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ें, पहले भाजपा की मेहमाननवाजी छोडें, पहले भाजपा की पुलिस का सुरक्षा चक्र तोड़ें, वापस अपने घर वापसी करें, वार्तालाप तब हो पाएगा।

एक अन्य प्रश्न पर कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि के शिलान्यास के मौके पर भाजपा नेता श्री लाल कृष्ण आडवाणी को न बुलाने को लेकर भाजपा नेता श्री सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सवाल उठाया है, इस पर आपका क्या कहना है, श्री सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा के सदस्य, एक दूसरे के बारे में क्या कह रहे हैं, ये वो जानें। मुझे लगता है कि भगवान श्री राम और सीता माता की जो व्याख्या, भगवान श्री राम के आदर्शों और मर्यादाओं की जो व्याख्या, श्रीमती प्रियंका गांधी वाद्रा जी ने आज अपने इस स्पष्ट वक्तव्य में की है, इसके बाद परस्पर कोई अगर छींटाकशी करता है, तो ये वो जानें क्योंकि राम तो सबके हैं।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री सुरजेवाला ने कहा कि मैं आज राम मंदिर के निर्माण के बिल्कुल ठीक 24 घंटे पहले राजनीतिक टिप्पणी तो नहीं करूँगा, पर एक बात अवश्य कहूँगा राजनीति का धर्म होना चाहिए, धर्म की राजनीति नहीं, यही राम की मर्यादा है।

एक अन्य प्रश्न पर कि महाराष्ट्र सरकार में कांग्रेस की भी भागीदारी है, सुशांत सिंह की मौत को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि महाराष्ट्र में जितने भी बड़े अधिकारी वहाँ गए, उन सबको ज़बरदस्ती चरंटाइन किया जा रहा है, महाराष्ट्र सरकार जांच में सहयोग नहीं कर रही, श्री सुरजेवाला ने कहा कि इस देश का संविधान और कानून यह कहता है कि प्रदेश के अंदर कानून व्यवस्था की जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की है। महाराष्ट्र में कानून की अनुपालन की जिम्मेवारी महाराष्ट्र की सांझी सरकार की है, जिसके मुखिया उद्धव ठाकरे साहब हैं। नीतीश कुमार जी को संविधान दोबारा पढऩा चाहिए। नीतीश कुमार जी या बिहार की सरकार जबरन पुलिस भेजकर परिधि के अंदर दखलंदाजी नहीं कर सकती। अगर एक प्रांत की पुलिस दूसरे प्रांत के अंदर जाकर जांच करेगी, तो फिर अराजकता फैल जाएगी। याद करिए राजस्थान का उदाहरण देखिए, राजस्थान की एसओजी जब गई, तो राजस्थान ने हरियाणा पुलिस से कॉन्टैक्ट किया। जिम्मेवारी है कि वो प्रदेश की पुलिस से कॉन्टैक्ट करे, उनका सहयोग लें, ये नहीं कि कानून और संविधान की धज्जियाँ उड़ा दें, ये अलग बात है।


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