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हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा- कनेक्टिविटी की कमी से प्रभावित हो रहा बिलासपुर का विकास
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 14 जून। गर्मी की छुट्टियों के दौरान बिलासपुर आने-जाने वाले यात्रियों को इस बार भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर ट्रेनों में सीटों की कमी है, तो दूसरी ओर हवाई सेवाओं का दायरा भी लगातार सिमटता जा रहा है। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा है कि बिलासपुर में पर्याप्त रेल और हवाई कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण यात्रियों के साथ-साथ शहर की आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
समिति के अनुसार पिछले एक दशक में बिलासपुर से यात्री ट्रेनों की संख्या में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है। कोयला परिवहन को प्राथमिकता मिलने के कारण नए यात्री रेल मार्गों और ट्रेनों का विस्तार नहीं हो पाया। वर्ष 2014 में शुरू हुई बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस और बिलासपुर-भगत की कोठी एक्सप्रेस तथा वर्ष 2015 में शुरू हुई बिलासपुर-निजामुद्दीन हमसफर एक्सप्रेस के बाद कोई नई प्रमुख यात्री ट्रेन नहीं जोड़ी गई।
समिति का कहना है कि हाल के वर्षों में शुरू हुई रायपुर-सिकंदराबाद, जबलपुर-रायपुर इंटरसिटी और शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी बिलासपुर को दरकिनार करते हुए संचालित की जा रही हैं। इससे क्षेत्र के यात्रियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
रेल सेवाओं की कमी के बीच हवाई यात्रा एक बेहतर विकल्प मानी जाती थी, लेकिन अब वहां भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। समिति ने कहा कि वर्ष 2021 में बिलासपुर से दिल्ली के लिए प्रतिदिन उड़ानें उपलब्ध थीं, जबकि वर्तमान में केवल सप्ताह में चार दिन ही विमान सेवा संचालित हो रही है।
इसी तरह प्रयागराज के लिए पहले सप्ताह में चार दिन उड़ानें उपलब्ध थीं, जो अब घटकर केवल एक दिन रह गई हैं। कोलकाता के लिए विमान सेवा शुरू जरूर हुई है, लेकिन वह भी सप्ताह में सिर्फ दो दिन संचालित हो रही है।
समिति ने कहा कि लगातार मांग के बावजूद बिलासपुर से मुंबई और हैदराबाद जैसे महत्वपूर्ण शहरों के लिए आज तक कोई सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है। पहले संचालित होने वाली भोपाल और इंदौर की विमान सेवाएं भी बंद हो चुकी हैं, जबकि इन मार्गों पर पर्याप्त यात्री मांग मौजूद है।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि सीमित उड़ानों के कारण लोग अपनी यात्रा योजनाएं तक रद्द करने को मजबूर हैं। इसका असर व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास पर भी पड़ रहा है। समिति ने राज्य सरकार से सभी प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों को बिलासपुर से उड़ान संचालन के लिए आमंत्रित करने और उड़ानों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
हवाई सुविधा विस्तार की मांगों को लेकर समिति का आंदोलन शनिवार तथा रविवार को भी जारी रहा। आंदोलन में रवि बनर्जी, परसराम केवट, हरप्रसाद केवट, ऋषिराज सिंह गौतम, बद्री यादव, अनिल गुलहरे, शिरीष कश्यप, राशिद बख्श, प्रतीक तिवारी, संतोष पिपलवा, दीपक कश्यप, विभूतिभूषण गौतम, देवेंद्र सिंह ठाकुर, मनोज तिवारी, रामशरण यादव, संदीप बाजपेयी, समीर अहमद 'बबला', महेश दुबे, चित्रकांत श्रीवास, मझहर खान, प्रकाश बहरानी, अमर बजाज, साबर अली और सुदीप श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।


