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छत्तीसगढ़' संवाददाता
दंतेवाड़ा, 11 जून। बस्तरिया राज मोर्चा के बैनर तले हजारों ग्रामीणों का सैलाब दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय गुरुवार दोपहर को पहुंचा। इसके उपरांत प्रशासन को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया।
इस संबंध में दंतेवाड़ा आदिवासी महासभा के नेता बदल बैनर्जी ने'छत्तीसगढ़Ó को बताया कि विगत नवंबर में प्रशासन द्वारा फर्जी ग्राम सभा की गई। जिसमें आरती स्पंज लिमिटेड को आलनार पहाड़ से लौह उत्खनन की अनुमति दी गई थी। आरती स्पंज लिमिटेड द्वारा आलनार पहाड़ से 3 लाख टन लौह अयस्क खनन किए जाने का उल्लेख किया गया। जबकि उक्त पहाड़ में उत्खनन शून्य है। इस पहाड़ में क्षेत्रीय देवी देवताओं का निवास स्थान है। जहां सैकड़ों गांवों के ग्रामीण पूजा - अर्चना करते हैं। यह इलाका ग्रामीणों की आस्था से गहन रूप से जुड़ा है। प्रशासन को ग्रामीणों की आस्था से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। इस संबंध में जिला प्रशासन को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
निरस्त करें लीज
बस्तरिया राज मोर्चा द्वारा जिला प्रशासन से मांग की गई है कि आरती स्पंज लिमिटेड को लौह अयस्क खनन की अनुमति रद्द की जाए। वहीं फर्जी ग्राम सभा में शामिल अफसर पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
सुकमा - बीजापुर से पहुंचे ग्रामीण
बस्तरिया राजमोर्चा के बैनर तले हजारों ग्रामीणों का सैलाब दंतेवाड़ा मुख्यालय स्थित दुर्गा मंडप दोपहर को पहुंचा। इस दौरान ग्रामीण सातधार से रैली निकालते हुए दंतेवाड़ा पहुंचे। दिलचस्प तथ्य यह है कि इस रैली में पड़ोसी जिलों के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इनमें सुकमा और बीजापुर जि़ले के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे।
करीब 80 किलोमीटर की यात्रा कर सुकमा जिले के ग्रामीण पहुंचे। सुकमा जिला अंतर्गत छिंदगढ़ विकासखंड के ग्राम उरमापाल निवासी भीमा मंडावी ने 'छत्तीसगढ़' को बताया कि वे आंदोलन में शामिल होने सुकमा जिले से पहुंचे हैं। शासन-प्रशासन द्वारा आलनार पहाड़ी का लीज निरस्त किया जाए। जिससे पहाड़ को बचाया जा सके। हम लोग सातधार से दंतेवाड़ा तक पद यात्रा करेंगे।
इस आंदोलन में दंतेवाड़ा जिले के विभिन्न ग्रामों से भी ग्रामीण शमिल हुए। विशेष रूप से बैलाडीला इलाके के अधिकांश ग्रामों के नागरिक पहुंचे। इनमें कड़मपाल, हिरोली,आलनार, गुमियापाल अरनपुर, चोलनार,मदाड़ी,तनेली और पेरपा आदि ग्रामों के के हजारों ग्रामीण शामिल है।


