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कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी नेताओं ने कई तरह के सवाल उठाए हैं.
कांग्रेस ने इसे 'सीट चोरी' कहा है, तो वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी ने इसे 'सत्य की जीत' बताया है.
इस बीच अन्य विपक्षी दलों की ओर से भी इस मामले पर तीख़ी प्रतिक्रियाएं आई हैं.
शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने एक्स पर लिखा, "हम कभी लोकतंत्र थे. दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, जहाँ संस्थाओं की निष्पक्षता और संप्रभुता राजनीतिक प्रभाव से मुक्त थी. अब... दुनिया का सबसे बड़ा पूर्व लोकतंत्र."
वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "एक तुच्छ बहाना बनाकर कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को ख़ारिज करना यह दिखाता है कि मोदी और शाह दोनों सदनों पर नियंत्रण पाने और संविधान में शोधन करने के लिए कितने बेताब हैं. वरना 2029 में उनका समय समाप्त हो जाएगा."
मंगलवार को मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द कर दिया गया. कांग्रेस ने उन्हें मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाया था.
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल समेत कई पार्टी नेता नई दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ़्तर पहुंचे और धरने पर बैठ गए. (bbc.com/hindi)


